भभुआ कैमूर। कैमूर जिले में साइबर अपराधियों ने शुक्रवार को अब तक का सबसे बड़ा साइबर अपराध जा मामला सामने आया है। जिसमें सिंचाई विभाग के वरीय लिपिक के अकाउंट से 11लाख की राशि को साईबर अपराधियों ने कुल 22 बार में रुपए की निकासी कर ली। पीड़ित मोहनिया सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल में वरीय लिपिक रवीश कुमार पांडेय बताये जाते हैं।
इस मामले में पीड़ित लिपिक द्वारा भभुआ थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया है।थाने में दिए गए आवेदन में बताया गया कि उनका स्टेट बैंक भभुआ की शाखा में वेतन का अकाउंट है। 6 मई को यूपी के मुगलसराय में उनके द्वारा एटीएम चेक कर 10 हजार की निकासी की गयी।
लेकिन एटीएम से निकासी करने के दौरान उन्हें रुपये प्राप्त नहीं हो सके और एटीएम में ही रुपये रह गए। इसको लेकर उन्होंने गूगल पर सर्च करते हुए एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र का नंबर खोजा जो नंबर 7365091338 है। इस नंबर से संपर्क करने पर बताया गया कि आप एनीडेस्क एप्लीकेशन को इंस्टॉल करें।
जिसके बाद जब एनीडेस्क एप्लिकेशन इंस्टॉल किया तो उनके खाते से पहली बार ₹49,999 की निकासी की गई। उसके बाद अपराधियों ने कुल 22 बार में ₹11 लाख की निकासी कर ली। इस संबंध में भभुआ थानेदार रामानंद मंडल ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा 11 लाख रुपये निकासी का मामला लिपिक द्वारा दर्ज कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
एनीडेस्क एप्लीकेशन के जरिये रुपए की हुई निकासी
मिली जानकारी के मुताबिक, एनी डेस्क एप्लीकेशन मोबाइल में इंस्टॉल करने के बाद जैसे इंस्टॉल करने वाले के द्वारा एनिडेस्क द्वारा ओटीपी पूछने पर बताया जाता है पूरा सिस्टम साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है।
इसी तरह साइबर अपराधियों द्वारा लिपिक से एनीडेस्क एप्लीकेशन को इनस्टॉल कराकर ओटीपी नंबर पूछ कर, उसके सिस्टम को हैक कर रुपए को 22 बार में निकासी कर ली।

