हिमांशु का कहना है कि वह कोचिंग जाने के साथ पापा भी पढ़ाई कराते थे। घर पर मैट्रीक परीक्षा के तैयारी के लिए 14 घंटे की पढ़ाई करता था। जिसका नतीजा हुआ है वह आज टॉपर हुए है। हिमांशु का कहना है कि आगे की पढ़ाई करते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की ख्वाहिश है। हिमांशु ने बताया कि उसके पापा किसान है।
दूसरे के खेत लेकर सब्जी की खेती करते हैं।कई बार तो पढ़ाई के दौरान आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन फिर भी पढ़ाई को जारी रखा। टॉपर हिमांशु ने बताया कि अपने पिता के साथ बाजार में सब्जी भी बेचा है। मुश्किल हालात में पिता की मदद भी किया।वह पूरे मन से दसवीं परीक्षा की तैयारी व पढ़ाई की। जिसके बाद आज वह टॉपर बने है।

