भभुआ/कैमूर। मंगलवार को भभुआ शहर के थाना के सामने एक निजी क्लिनिक में प्रसव के दौरान महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला के मौत के परिजनों ने निजी क्लिनिक में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद सूचना पर नगर थाने की पुलिस पहुचीं। परिजनों द्वारा हंगामा करते हुए डॉक्टर पर शराब के नशे में ऑपरेशन करने का आरोप लगाया गया। जिसमें महिला की मौत हो गयी।
वही बच्ची की स्थिति नाजुक बताया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक गर्भवती महिला रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के विश्रामपुर गांव निवासी संजीत कुमार खरवार की पत्नी चिंकी देवी बतायी जाती है। वह गर्भवती अवस्था में अपने मायके जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के महुला गांव में रह रही थी। बीते 25 मई की सुबह उसे प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा सदर अस्पताल भभुआ लाया गया।
जहां मंगलवार को सदर अस्पताल में किसी नर्स द्वारा ईद की छुट्टी होने की बात कहते हुए निजी अस्पताल में जाने की बात कही गई। इसके बाद परिजनों द्वारा एक निजी क्लिनिक में ले गए। जहां के चिकित्सक द्वारा जांच कर घर भेज दिया गया। घर जाने के बाद पुन: मंगलवार को दर्द हुआ महिला को लेकर परिजन उसी क्लीनिक में ले गए। जहां से चिकित्सक द्वारा महिला को परिजनों से कह कर सदर अस्पताल भेज दिया गया
इसके बाद परिजनों द्वारा महिला को लेकर सदर अस्पताल पहुँचे। जहां पर किसी नर्स ने प्रसव के दौरान महिला की आपरेशन करने की बात कही। लेकिन सदर अस्पताल में ऑपरेशन करने के लिए औजार नहीं होने का हवाला देते हुए नर्स द्वारा एक पर्ची पर रंजन हास्पिटल व उसके चिकित्सक डॉ. प्रेम राजन का नाम लिख कर दे दिया गया। वहां निजी क्लिनिक में जाने की बात कही।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या कैमूर जिले के सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन करने के औजार खत्म हो गए है। जो नर्स द्वारा निजी क्लिनिक में ऑपरेशन कराने के लिए भेज दिया गया। वह भी सदर अस्पताल के ही डॉक्टर प्रेम राजन के निजी क्लिनिक में। क्या सरकारी अस्पताल के डॉक्टर निजी क्लिनिक चलाते हुए सदर अस्पताल के नर्सों के साथ मिलीभगत या साठगांठ होती है। जो मरीजों को बरगला कर उसे निजी क्लीनिकों में कमीशन के चक्कर में भेजा जाता है। जो संदेह के घेरे में डालता है। यह तो जांच का विषय है। लेकिन सवाल उठना लाजिमी भी है।
ऐसे कई बार मामले सामने आ चुके है। जिसमें सदर अस्पताल से निजी क्लिनिक में नर्सों द्वारा भेजा जाता है।
इसके बाद परिजनों द्वारा महिला को तुरंत निजी क्लिनिक में ले गए। परिजनों के आरोप में बताया गया कि डॉक्टर द्वारा प्रसव के महिला को ले जाने पर ऑपरेशन करने की बात कही गयी और 50 हजार खर्च होने की बात कही गयी। जिसके बाद डॉक्टर को परिजनों द्वारा 25 हजार रुपये दिया गया।
लेकिन प्रसव के दौरान महिला के आपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। लेकिन नवजात बच्ची की जान बच गई। जिसकी हालत खराब होने की बात कह निजी अस्पताल की नर्स ने एसएनसीयू में भर्ती कराने को कहा। इस पर परिजनों द्वारा बच्ची को लेकर सदर अस्पताल चले गए।जहां एसएनसीयू में भर्ती किया गया। कुछ देर बाद परिजनों को निजी क्लिनिक द्वारा महिला की मौत की सूचना दी गई। यह सुुुन कर परिजनों ने निजी क्लिनिक में ही जमकर हंगामा शुरू कर किया। सूचना पर पहुचीं पुलिस ने चिकित्सक सहित हंगामा कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गयी।
परिजनों का रोते हुए कहना था कि जब वे अस्पताल पर पहुंचे तो उस समय चिकित्सक गायब थे और कंपाउडर के द्वारा महिला के सीने को दबाया जा रहा था। 20 मिनट बाद डॉक्टर पहुंचे। जो डॉक्टर पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाते हुए उनके मुंह से शराब की दुर्गंध आने की बात कह रहे थे। शराब के नशे में ही डॉक्टर ने आपरेशन किया है।
जिसके कारण महिला की मौत हो गयी है। यह आरोप लगाया गया।इसमें उनका मांग था कि डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।वहीं डॉक्टर प्रेम राजन ने मृतका के परिजनों द्वारा शराब पीने के लगाए आरोप को साफ इंकार कर दिया और ऑपरेशन के बाद प्रसव वाली महिला के हार्ट अटैक होने से महिला के मौत का कारण बताया।
परिजनों के आरोप पर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ राज, पुलिस सहित उत्पाद विभाग ने भी डॉ प्रेम राजन की मेडिकल जांच की। जिसमें शराब पीने की पुष्टि नहीं पायी। वहीं पुलिस द्वारा महिला के शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद सदर अस्पताल में गठित मेडिल बोर्ड द्वारा कराया गया। वहीं इस मामले की जांच के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है।
थाना में किसी पक्ष द्वारा आवेदन नहीं देने की बात कही गयी। लेकिन यह बताया गया कि इस मामले में पुलिस अपने स्तर से जांच पड़ताल कर रही है। प्रसव वाली महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई है या डॉक्टर के लापरवाही से हुई है। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गठित टीम द्वारा जांच के बाद पता चल पायेगा।

