भभुआ/कैमूर: कैमूर में लेखापाल सह आईटी सहायक के पद पर हुई बहाली के दौरान दो अभ्यर्थियों के द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र लगाने के मामले में जिला पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा दोनों अभ्यर्थियों के खिलाफ भभुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।
जिसमें एक अभ्यर्थी मोहनिया थाना क्षेत्र के डड़वा गांव निवासी राधेश्याम प्रसाद का पुत्र रोशन कुमार गुप्ता व दूसरा भभुआ थाना क्षेत्र के सीवों गांव निवासी भरत सिंह का पुत्र मनीष पटेल बताया जाता है।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि जिले में लेखापाल सहायक के पद पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। उक्त पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बीकॉम निर्धारित थी।
इस पद के लिए उक्त दोनों अभ्यर्थियों के द्वारा जाली प्रमाण पत्र को आधार बनाकर ऑनलाइन आवेदन दिया गया था। जिसमें मनीष पटेल के द्वारा बीकॉम का फर्जी प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं रोशन कुमार गुप्ता के द्वारा एमकॉम का फर्जी प्रमाण पत्र दिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि अभ्यर्थियों का मेधा सूची ओबटाइनेड मार्क्स के आधार पर तैयार किया गया था। प्रकाशित मेधा सूची में दोनों का नाम दर्ज है।
मेधा सूची प्रकाशन होने के बाद नियोजन के पूर्व सभी अभ्यर्थियों के शैक्षणिक योग्यता संबंधित प्रमाण पत्र संबंधित संस्था में जांच कराई गई। जहां उपरोक्त दोनों अभ्यर्थियों का शैक्षणिक प्रमाण पत्र जाली पाया गया है। जिसके बाद उक्त दोनों अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।

