दुर्गावती (कैमूर) मुबारक अली। राष्ट्रीय जनता दल प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के आदेशानुसार राजद के कार्यकर्ताओं द्वारा कर्मनाशा बॉर्डर पर बाहर से आ रहे श्रम वीरों को शिविर लगाकर तेजस्वी भोजनालय व्यवस्था की गई है.तेजस्वी भोजनालय शिविर में बाहर से आने वाले प्रवासी श्रम वीरों को बहुत ही सम्मान के साथ निशुल्क स्वादिष्ट भोजन कराया जा रहा है.
कर्मनाशा बॉर्डर पर राहत शिविर लगाकर तेजस्वी भोजनालय की व्यवस्था किए जाने के बाद बॉर्डर से लेकर पटना तक सियासत तेज हो गई है.चुकी राहत शिविर में लगे बैनर पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की तस्वीर छपी हुई है.और बाहर से चलकर बार्डर पर आने वाले प्रवासी मजदूरों की सबसे पहले नजर उस बैनर पर पड़ रही.
पहले ही दिन हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर राहत शिविर में आकर निशुल्क भोजन कर राजद के भोजन शिविर का गुणगान करने शुरू कर दिए . उसके बाद सियासत रंग लगी और हाई वोल्टेज ड्रामा शुरु हो गया .स्थिति यहां तक पहुंच गई कि गुरुवार को देर रात्रि तक कई बार प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ पोस्टर व राहत शिविर को उखाड़ने के लिए वहां पहुंच गए. लेकिन हर बार पुलिस व अधिकारी बगैर राहत शिविर व बैनर उखाड़े वापस लौट आए.
वहां पर मौजूद राजद कार्यकर्ताओं के हाथों में पल-पल की घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए मोबाइल से वीडियो रेकाडिंग की जा रही थी.तेजस्वी भोजनालय शिविर को हटाने को लेकर गुरूवार को दिन से लेकर देर रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा.एसडीएम मोहनिया शिव कुमार राऊत व डीएसपी रघुनाथ सिंह व अन्य अधिकारी भारी फोर्स के साथ तेजस्वी भोजनालय शिविर के पास बॉर्डर पर पहुंचे और राजद कार्यकर्ताओं से बोले की यहां से शिविर व बैनर को हटा लीजिए.
रोड पर शिविर व बैनर लगाना एलाऊ नहीं है. लेकिन राजद कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे लिए पार्टी का बैनर व झंडा महत्वपूर्ण है. हम लोग अपने हाथों से पार्टी के बैनर को उखाड़ नहीं सकते हैं आप खुद हटा दे. अगर रोड पर दिक्कत है तो हम लोग खेत में राहत शिविर लगाकर बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को भोजन खिलाने का काम करेंगे.
अधिकारी शिविर के पास आकर लौट गए.इस दौरान राजद के युवा नेता सुधाकर सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेजस्वी भोजनालय का कार्यक्रम अच्छा से चल रहा है. कैमूर में नीतीश कुमार के इशारे पर तेजस्वी भोजनालय शिविर को उखाड़ने के लिए बार-बार प्रशासन के लोग आ रहे हैं. राजद भूखे प्यासे आ रहे मजदूर भाइयों को खिलाना चाहती है .लेकिन सरकार का मंशा ठीक नहीं है.
वह भूखे प्यासे मजदूरों को खाना खाने नहीं देना चाहती है.प्रशासन अपने हाथों से बैनर व राहत शिविर उखाड़ना चाहती है तो उखाड़ दे. राजद कार्यकर्ता प्रशासन के कार्यों का विरोध नहीं करेंगे. लेकिन राजद कार्यकर्ता अपने हाथों से बैनर व राहत शिविर को नहीं उखाड़ेगें.





