#दूसरे राज्यों से वाले प्रवासी प्रवासी मजदूरों का बॉर्डर पर थर्मल स्कैनिंग के बाद बसों से भेजा जा रहा उनके गृह जिला
दुर्गावती (कैमूर) मुबारक अली। लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों एवं छात्रों को केंद्र सरकार द्वारा अपने-अपने प्रदेशों में ले जाने की इजाजत दे देने के बाद काफी संख्या में यूपी बिहार बॉर्डर पर प्रवासी मजदूर एवं छात्र पहुंच रहे है.
शनिवार को यूपी चंदौली जिले के डीएम नवनीत सिंह चहल व एसपी हेमंत कुटीयाल और कैमूर डिएम डॉ नवल किशोर चौधरी तथा एसपी दिलनवाज अहमद जायजा लिया. जिलाधिकारी एसपी ने मजदूरों से सुविधाओं के बारे में पूछताछ कर जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाहर से आने वाले सभी मजदूरों को यहां भोजन उपलब्ध कराएं. वही आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराएं तथा बस का सैनिटाइज कराने के बाद ही उनको बसों में बैठाए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नियमानुसार सीट पर बैठाए.
गौरतलब है की कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 24 मार्च की रात्रि से देश में लाक डाउन की घोषणा कर दी गई तथा ट्रेन बस व प्लेन का संचालन देश में बंद कर दिए गए. वहीं कल कारखाने बंद हो जाने से भारी संख्या में मजदूर लाक डाउन में विभिन्न राज्यों में फंस गए.
उनके समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा कुछ शर्तों के साथ राज्य सरकारों को अपने-अपने प्रदेशों में मजदूरों को बुलाने के लिए निर्देश जारी कर दिया गया. भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी होने के बाद दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर एवं छात्र यूपी के रास्ते बिहार सीमा मे काफी संख्या मे पहुंचने लगे है.
पैदल एवं साइकिल से बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों का थर्मल स्क्रीनिंग किया जा रहा है तथा बकायदा उनको नाम और पता रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है भोजन का पैकेट व पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.साथ ही बॉर्डर पर उन सभी मजदूरों को प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए बसों से संबंधित जिलों में भेजा जा रहा है.
दुर्गावती (कैमूर) मुबारक अली। लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों एवं छात्रों को केंद्र सरकार द्वारा अपने-अपने प्रदेशों में ले जाने की इजाजत दे देने के बाद काफी संख्या में यूपी बिहार बॉर्डर पर प्रवासी मजदूर एवं छात्र पहुंच रहे है.
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाहर से आने वाले सभी मजदूरों को यहां भोजन उपलब्ध कराएं. वही आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराएं तथा बस का सैनिटाइज कराने के बाद ही उनको बसों में बैठाए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नियमानुसार सीट पर बैठाए.
गौरतलब है की कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 24 मार्च की रात्रि से देश में लाक डाउन की घोषणा कर दी गई तथा ट्रेन बस व प्लेन का संचालन देश में बंद कर दिए गए. वहीं कल कारखाने बंद हो जाने से भारी संख्या में मजदूर लाक डाउन में विभिन्न राज्यों में फंस गए.
उनके समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा कुछ शर्तों के साथ राज्य सरकारों को अपने-अपने प्रदेशों में मजदूरों को बुलाने के लिए निर्देश जारी कर दिया गया. भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी होने के बाद दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर एवं छात्र यूपी के रास्ते बिहार सीमा मे काफी संख्या मे पहुंचने लगे है.
पैदल एवं साइकिल से बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों का थर्मल स्क्रीनिंग किया जा रहा है तथा बकायदा उनको नाम और पता रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है भोजन का पैकेट व पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.साथ ही बॉर्डर पर उन सभी मजदूरों को प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए बसों से संबंधित जिलों में भेजा जा रहा है.






