- श्रद्धालुओं का थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों के सैनिटाइज,सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुए दिया जा रहा है मंदिर में प्रवेश
- बिना मास्क के श्रद्धालु, 60 साल ऊपर व 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के प्रवेश लगाई गई है रोक
भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। कोरोना को लेकर लॉक डाउन के 17 मार्च के बाद से ही बंद कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर स्थित अतिप्राचीन मां मुंडेश्वरी का मंदिर अनलॉक वन में शर्तो के साथ 81 दिनों बाद खुल गया है। जिसके बाद श्रद्धालु भक्त आज सुबह से ही मां मुंडेश्वरी की दर्शन पूजन करने लगे है। श्रद्धालुओ का माता का दर्शन पूजन शर्तो के साथ सरकार के द्वारा दिये गए गाइडलाइंस का पालन कराते हुए कराया जा रहा है। मंदिर सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा और माता मुंडेश्वरी का दर्शन श्रद्धालु भक्तों द्वारा किया जा सकता है। यह मंदिर विश्व के अतिप्राचीन के मंदिरों में शुमार हैं। पवरा पहाड़ी पर 700 फीट की ऊंचाई पर अष्टकोणीय रूप में मंदिर के रूप में स्थित है। आज सोमवार की सुबह मंदिर खुलते ही दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे।
सोशल डिस्टेसिंग के लिए बनाया गया है सर्किल
दरअसल, कोरोना से बचाव को लेकर सरकार के द्वारा दिये गए गाइडलाइंस के तहत मन्दिर में प्रवेश व दर्शन पूजन के लिए सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना है। जिसके लिए मां मुंडेश्वरी धाम में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक न्यास परिषद द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने के लिए मंदिर के नीचे से मंदिर धाम तक सीढ़ियों पर दो गज की दूरी पर उजले रंग का सर्किल गोला बनाया गया है।ताकि सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो सकें।
प्रवेश के पहले किया जा रहा थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज
मां मुंडेश्वरी मन्दिर में प्रवेश व दर्शन पूजन करने के पहले
श्रद्धालुओं द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनीटाइज किया जा रहा है। यह काम मुंडेश्वरी धाम मन्दिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं का धार्मिक न्यास परिषद के प्रबंधक व एकाउंटेंट द्वारा स्क्रीनिंग किया जा रहा है। जिनका टेंपरेचर मानक क्षमता से हाई हो रहा है। उनको मंदिर में प्रवेश नहीं मिल रहा है। उन्हें 10मिनट का रिलैक्स होने के लिए बोला जा रहा है। जब उनका दोबारा स्क्रीनिंग में नार्मल टेंपरेचर आ रहा है। तभी उन्हें की अनुमति दी जा रही है। वही 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से ऊपर के व्यक्तियों का फिलहाल मंदिर परिसर में प्रवेश वर्जित रखा गया है। स्क्रीनिंग के बाद सभी श्रद्धालुओं के हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा है। उसके बाद ही मंदिर परिसर में प्रवेश मिल रहा है।
मंदिर में सिर्फ 5-6 श्रद्धालुओं की प्रवेश की अनुमति
बताया जाता है माँ मुंडेश्वरी में श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए कई प्रकार के नियम बनाये गए है। उन्हीं नियमों के अनुसार उन्हें प्रवेश कराते हुए दर्शन करायी जा रही है। मंदिर में सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने को लेकर मंदिर के गर्भगृह में 5 से 6 श्रद्धालुओ को प्रवेश दी जा रही है। वह भी गोला के अंदर ही खड़े रहेंगे। 2 गज की दूरी पर ताकि सोशल डिस्टेसिंग मेंटेन हो सकें। श्रद्धालु प्रसाद को मंदिर के रखे पात्र में रख देंगे। जहां से मंदिर के पुजारी मां को चढ़ा कर दूसरे पात्र में प्रसाद रख दिया जा रहा है।जिसके बाद श्रद्धालु उस प्रसाद को ले सकेंगे।
मां मुंडेश्वरी की प्रतिमा को नहीं करना है स्पर्श
बताया जा रहा है कि शर्तो के साथ दिए गए छूट के बाद आज से मां मुंडेश्वरी का मंदिर खोल दिया गया है। श्रद्धालु भक्त दर्शन पूजन भी कर रहे है। श्रद्धालुओ को दर्शन के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सोशल डिस्टेसिंग के साथ दर्शन कराया जा रहा है। मां मुंडेश्वरी की प्रतिमा को स्पर्श करने पर पूरी तरह श्रद्धालुओ के लिए रोक है। 10 सेकेंड तक मन्दिर में श्रद्धालुओं में दर्शन कर बाहर निकाल दिया जा रहा है।
अहिसंक बलि की है अनूठी प्रथा
पुजारी राधेश्याम झा ने बताया कि मां मुंडेश्वरी मंदिर अहिंसक बलि की अनूठी प्रथा के लिए विख्यात है। यहां रक्त हीन बकरे की बलि दी जाती है जो विश्व में विख्यात है और इकलौता इसी धाम में होता है। जहां बकरे का बलि के दौरान एक बूंद रक्त नहीं गिरता है और न ही काटा जाता है बल्कि अक्षत फूल से पुजारियों द्वारा मंत्र उच्चारण से बकरे को मारने पर बकरा बेहोश हो जाता है और पुनः अक्षत फूल को लेकर मंत्र उच्चारण कर उसके शरीर पर मारने से बकरा जीवित हो उठता है।जो अपने आप में अनोखा व अनूठी रक्तहीन बलि की प्रथा चलती है। जिसे देखने के लिए दूर से दूर से श्रद्धालु भक्त दर्शन पूजन के लिए पहुँचते है। यह बलि की अनूठी प्रथा भी लॉक डाउन के बाद अनलॉक वन में शर्तो के साथ छूट के बाद मन्दिर खुलने पर आज से शुरू हो गया है।
बलि वाले बकरे व मन्दिर परिसर सहित पूरे कैंपस को किया जा रहा है सैनीटाइज
धार्मिक न्यास परिषद के प्रबंधक संदीप कुमार व अकाउंटेंट गोपाल कृष्ण ने बताया कि मां मुंडेश्वरी मंदिर आज खोल दिया गया है। मंदिर परिसर सहित पूरे कैंपस को हर दो घण्टे पर सैनीटाइज किया जा रहा है। वही बलि के लिए श्रद्धालुओं द्वारा जो बकरे ला जा रहे है उसे भी सैनीटाइज किया जा रहा है। जिसके बाद उसे बलि के लिए मन्दिर में भेजा जा रहा है। वही मास्क पहन कर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश दी जा रही है। इसके साथ मन्दिर में प्रवेश के पहले उनका थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनीटाइज करने के बाद ही दर्शन पुजन की अनुमति दी जा रही है।





