भभुआ कैमूर. कोरोना को लेकर हुए लॉक डाउन में कंपनियों व फैक्ट्रियों के बंद होने के बाद दूसरे राज्यों में कमाने के लिए गये प्रवासियों को कोई रास्ता नहीं दिखा तो पलायन कर घर लौटने लगे. प्रवासियों के घर वापसी को लेकर सरकार द्वारा कोरोना का फैलाव गांव में न हो. इसके लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनवाया गया.
जहां पर बाहर से आने वाले प्रवासियों को रखा गया. जहां उन्हें सरकार के निर्देशानुसार सभी प्रकार की सुविधाएं दी गयी. यह सुविधाएं आपदा मद से की गयी. मिली जानकारी के मंगलवार को डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी
ने जिले के सभी सीओ के साथ बैठक की. इस दौरान डीएम ने सभी सीओ को निर्देश दिया कि आपदा विभाग
द्वारा बनवाये गये क्वारंटाइन सेंटर पर खर्च की गई राशि की उपयोगिता तीनों दिनों में जमा करने का समय दिया. गौरतलब है कि प्रवासियों के लिए बनाये गये क्वारेंटाइन सेंटर पर रखा गया. उन्हें सभी प्रकार की
सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी.उसका सारा खर्च आपदा विभाग द्वारा वहन किया गया. कैमूर जिले में जिला स्तर,प्रखंड स्तर, पंचायत व गांव स्तर तक क्वारंटाइन सेंटर बनाकर रखा गया था. रेड जोन शहरों से आने वाले प्रवासियों को प्रखंड स्तर पर और बाकि अन्य शहरों से आने वाले प्रवासियों को पंचायत व गांव स्तर के क्वारेंटाइन सेंटर पर रखा गया.
जहां पर भोजन की व्यवस्था के साथ साथ दैनिक उपयोग में आने वाली सभी सामग्री आपदा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गयी. बैठक में अपर समाहर्ता सुमन कुमार, उप विकास आयुक्त कृष्ण प्रसाद गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रभात कुमार झा के अलावा जिले के सभी अंचलाधिकारी शामिल उपस्थित रहें.

