भभुआ/कैमूर। रविवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई के द्वारा कैमूर जिले के प्रखंडों और कॉलेज इकाई द्वारा छात्र हित मांगो को लेकर एक दिवसीय अनशन दिया गया। इसमें शिक्षा, बेरोजगारी एवं शिक्षा व्यवस्था और कॉलेजों द्वारा बढ़ाया जा रहे मनमानी फीस पर एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं छात्रों ने अपनी बात रखी। छात्र नेता अभिषेक सिंह ने बताया कि कोरोना वैश्विक महामारी को ले हुए लॉक डाउन के वजह से सारे काम धंधे, रोजगार और व्यवसाय ठप रहा।
इस बीच में छात्रों द्वारा फीस देने में असमर्थ हैं। नेटवर्क इश्यूज होने के कारण सभी बच्चों ने ऑनलाइन क्लास अच्छे से नहीं कर पाये। सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्रों को पिछले परफॉर्मेंस के आधार पर सेशन में प्रमोट करने,किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं बढ़ाये जाने की बात कही। यह भी बताया कि इस सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था एकदम पूरी तरह चरमरा गई है एवं कॉलेज एवं प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फिस वसूली की जा रही है। उन्होंने मांग किया कि सभी स्कूलों के फीस का सरकार द्वारा एक मापदंड तैयार किया जाए।
उसी के अनुसार छात्रों से फीस ली जाए। जो छात्र पढ़ाई के लिए बाहर गए हैं और लॉक डाउन में वह अपने घर आ गए हैं। महामारी की वजह से सबकी जेब खाली ही चुकी है। इस वजह से सभी सभी छात्र रूम किराया देने में असमर्थ है।मौके पर मुकेश सिंह, सागर सिंह ,दिलशाद, शशिकांत पासवान,सोनू,राजा, रौशन, आदि छात्र उपस्थित रहे।

