रामपुर/कैमूर। रामपुर प्रखंड के बेलाव गांव के बौद्ध विहार परिसर में बुधवार की देर शाम सम्राट अशोक महान का जन्मोत्सव और प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन बेलाव थाना अध्यक्ष सुहैल अहमद, बेलाव पैक्स अध्यक्ष शिव जी सिंह द्वारा महात्मा बुद्ध, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा, सम्राट अशोक के चित्र पर दीप जलाकर और पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए किया गया।
इस मौके पर बेलाव गांव के इस साल इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा में 70% से अधिक अंक अधिक लाने वाले 16 छात्र छात्राओं को अतिथियों द्वारा डायरी, नोटबुक, पेन देकर सम्मानित किया गया। सम्राट अशोक के जन्मोत्सव के मौके पर उपस्थित अतिथियों को सम्राट अशोक क्लब बेलाव द्वारा अशोक स्तंभ देखकर सम्मानित किया गया। जबकि रात्रि में
बिहार के सूरज पासवान और यूपी की सुमन राज के बीच बिरहा का शानदार मुकाबला हुआ। रातभर गायकों ने श्रोताओं को झुमाया।
इस कार्यक्रम के दौरान थानाध्यक्ष सुहैल अहमद ने संबोधित करते हुए कहा कि सम्राट अशोक दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजा होने के कारण ही भारत सरकार ने अशोक स्तंभ को देश का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह के रूप में अपनाया, तिरंगा में भी अशोक चक्र को शामिल किया।
वक्ताओं ने कहा कि सम्राट अशोक ने महात्मा बुध के संदेशों को संपूर्ण विश्व में फैला कर भारत को विश्व गुरु और विश्व विजेता होने का गौरव दिलाया। वर्तमान भारत के संविधान भी भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक महान के लोक कल्याणकारी नीतियों का ही दस्तावेज है। दुनिया में पहली बार सीमाओं और संकीर्ण अवधारणा को तोड़कर भारत की वैज्ञानिकता से प्रमाणित धर्म संस्कृति के माध्यम से सम्राट अशोक ने लोक कल्याणकारी कार्य कर के पड़ोसी राज्यों से मधुर संबंध बनाकर पहली बार ग्लोबल संस्कृति की बुनियाद रखी।
चीनी यात्री फाहियान जब भारत में आया था तब उसने सम्राट अशोक महान के मानव और राष्ट्र निर्मित आदर्शों को याद करने के लिए प्रतिवर्ष चैत्र अष्टमी को भारी संख्या में पाटलिपुत्र में लोगों को उत्सव का आयोजन करते हुए खुद देखा था। सम्राट अशोक ने विजय के क्षण में भी शस्त्र विजय को तिलांजलि देकर धम्म विजय को चुना। जिन मानवीय मूल्यों की स्थापना की उसके कारण ही भारत अखंड बन सका।
सम्राट अशोक आज भी इतिहास में एक ऐसे स्तंभ के रूप में माने जाते है।उनकी स्मृति आज भी उनके शिलालेखों में विद्यमान है। पाटलिपुत्र का पटना का गोलघर ही सम्राट अशोक महान का समाधि स्थल है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ मृत्युंजय मौर्य और संचालन दिनेश कुमार सिंह ने की।
इस मौके पर डॉ मनोज सिंह सोशल मीडिया प्रभारी,लाल बिहारी सिंह पूर्व मुखिया पंचायत बेलांव, डिग्री पासवान बिडीसी, डॉ अजय मौर्य,इन्दु देवी सरपंच, नन्दलाल राम जिला परिषद प्रतिनिधि रामपुर, राजेश, शुशील, मनोज सिंह दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
