कैमूर में पारामेडिकल कर्मचारियों और छात्रों ने ने किया तालाबंदी,प्रदर्शन, कहा सरकार को एजुकेशन से चुनाव हो गया है महत्वपूर्ण

भभुआ कैमूर। कैमूर जिला के भभुआ सदर अस्पताल के ओपीडी में पारामेडिकल कर्मचारियों और छात्रों ने अपने विभिन्न मांगो को लेकर तालाबंदी की। जिससे ओपीडी का सारा कार्य 30 मिनट तक बाधित रहा। वहीं ओपीडी में ताला बंदी के बाद सूचना पर भभुआ थाने की पुलिस पहुंची। जहां पर पारा मेडिकल कर्मचारियों तथा छात्रों को समझा कर शांत कराया गया। वहीं सूचना के बाद डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल एंव सिविल सर्जन डॉ मीना कुमारी ने भी पहुंचकर पारा मेडिकल कर्मचारियों को समझाया बुझाया है। जिसके बाद करीब 30 मिनट तक ओपीडी सेवा बाधित रही।

वहीं प्रदर्शन कर कर्मचारियों और छात्र ने बताया कि अभी तक हमलोगों के काउंसलिंग का गठन नही किया गया है। जिसके वजह से हमलोगों को सेशन में परेशानियां हो रहा है। इसके साथ ही सरकार दो साल का कोर्स 5 साल में करवा रहा है। जहाँ हमलोगों का विद्यालय सारंगपुर में है वहाँ ना तो कोई ट्रांसपोर्ट की व्यस्था है और नही सही से लायब्रेरी का कोई सुविधा है। जिसके कारण हम लोगों को टेक्नीशियन का ट्रेनिंग लेने में बहुत सारी परेशानिया होता है।

लैब टेक्नीशियन स्वीटी कुमारी ने बताया कि क्यूटर और लेब्रेटरी का सामान नही है और जो हम लोगो का 15 रुपये स्टेटमेंट मिलता है वो भी नहीं मिल रहा है। जहाँ हम लोगों का विद्यालय है वहाँ आने जाने के लिए कोई वाहन नही मिलता है। बिहार सरकार चुनाव समय से करा देता है लेकिन हमलोगों का सेसन लेट होता है। सरकार को मैं कहना चाहती हूँ कि इलेक्सन से ज्यादा महत्वपूर्ण एजुकेशन होता है।

लैब टेक्नीशियन सागर कुमार ने कहा कि एजुकेशन नहीं होगा तो बिहार आगे कभी नहीं बढ़ेगा इसलिए हमारा मांग है कि हम लोगों को हर वो सुविधा मिले जो हमको मिलना चाहिए। इसी को लेकर आज हमलोग अपने सारंगपुर भभुआ में स्थित विद्यालय से सभी पैरामेडिकल के लोगों ने विरोध मार्च निकाल कर ओपीडी में तालाबंदी किया। वहीं सिविल सर्जन और पुलिस से समझाने के बाद ओपीडी का तालाब खोला गया। उसके बाद मरीजों का इलाज शुरू हो पाया है।

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