फोटो 1. सूखा पड़ा सोन उच्च स्तरीय नहर
Kaimurlivenews.blogpost.com न्यूज डेस्क
रामपुर@ रजनीकांत दूबे
रामपुर. धान की फसल कटाई, दवनी होने के बाद किसान अब गेहूं की फसल की बुआई में करने में लगे हुए. लेकिन अभी तक प्रखंड के सोन उच्च स्तरीय नहर में पानी नहीं आ पाया है. इससे किसानों के माथे पर चिंता लकीरें दिखने लगी है. इसके साथ ही फसल की बुआई व सिंचाई को लेकर किसानों में हाहाकार मची हुई है. अकोढ़ी गांव के किसान गुलाबचंद सिंह व बेलाव के अरविन्द कुमार सहित एक दर्जन से अधिक किसानों ने बताया कि किसी तरह गेहूं की तो बुआई कर ली गयी. लेकिन नहर में पानी नही आने से नलकूप का सहारा लेना पड़ रहा है. डीजल पंम्प चलाकर एक एकड़ भूमि पर सिंचाई करने में 25 सौ रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है.
रामपुर@ रजनीकांत दूबे
रामपुर. धान की फसल कटाई, दवनी होने के बाद किसान अब गेहूं की फसल की बुआई में करने में लगे हुए. लेकिन अभी तक प्रखंड के सोन उच्च स्तरीय नहर में पानी नहीं आ पाया है. इससे किसानों के माथे पर चिंता लकीरें दिखने लगी है. इसके साथ ही फसल की बुआई व सिंचाई को लेकर किसानों में हाहाकार मची हुई है. अकोढ़ी गांव के किसान गुलाबचंद सिंह व बेलाव के अरविन्द कुमार सहित एक दर्जन से अधिक किसानों ने बताया कि किसी तरह गेहूं की तो बुआई कर ली गयी. लेकिन नहर में पानी नही आने से नलकूप का सहारा लेना पड़ रहा है. डीजल पंम्प चलाकर एक एकड़ भूमि पर सिंचाई करने में 25 सौ रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है.
2. डीजल पंप से गेंहू की सिंचाई करता किसान
साधन संपन्न किसान नलकूप व डीजल पम्प से खेतों में बुआई किये हुए गेहू की फसल
सिंचाई कर ले रहे है. लेकिन गरीब किसान डीजल पम्प से सिचाई करने में असमर्थ हो रहे है. कितने किसानों के पास तो अपना नलकूप भी नही है जो कि पानी खरीद कर गेहूं की पटवन कर रहे है. इस वर्ष बारिश व नहरो के पानी समय से नहीं आने के कारण धान की खेती में भी किसानों को बहुत भारी क्षति उठानी पड़ी. किसानों ने जल्द से जल्द नहरो में पानी छोड़ने की मांग सिचाई विभाग से की है.
इस संबंध में सोन उच्च स्तरीय विभाग के एसडीओ देववंश कुमार से जानकारी प्राप्त करना चाहा लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका.
सिंचाई कर ले रहे है. लेकिन गरीब किसान डीजल पम्प से सिचाई करने में असमर्थ हो रहे है. कितने किसानों के पास तो अपना नलकूप भी नही है जो कि पानी खरीद कर गेहूं की पटवन कर रहे है. इस वर्ष बारिश व नहरो के पानी समय से नहीं आने के कारण धान की खेती में भी किसानों को बहुत भारी क्षति उठानी पड़ी. किसानों ने जल्द से जल्द नहरो में पानी छोड़ने की मांग सिचाई विभाग से की है.
इस संबंध में सोन उच्च स्तरीय विभाग के एसडीओ देववंश कुमार से जानकारी प्राप्त करना चाहा लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका.
