गलत होने पर चुप होकर शांत न बैठे बेटियां, राजभवन के नम्बर पर दे सूचना - राज्यपाल 

"काफी दिनों बाद पवित्र काम करने का मौका मिला" - सत्यपाल मलिक 

कुदरा/ कैमूर से रमेश कुमार की रिपोर्ट 

कुदरा. मंगलवार को कैमूर जिलेे के कुदरा के जगदेव मेमोरियल कॉलेज पहुँच कर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा अमर शहीद जगदेव प्रसाद के मूर्ति का अनावरण किया गया. का अनावरण के बाद सभा को संबोधित करते हुए महामहिम सत्यपाल मलिक ने कहा कि काफी दिनों बाद एक पवित्र काम करने का मौका मिला कि जगदेव प्रसाद जैसे महान आत्मा की मूर्ति का अनावरण करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अपने लिए तो सारी दुनिया जीती है. समाज के लिए जीना अलग बात होती है.इससे सुखद अनुभूति होती है. जगदेव जी ने अपने लिए नहीं बल्कि समाज के लिए जिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए मरे भी तथा जब तक रहे समाज के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करते रहे. उन्होंने कहा कि अंग्रेज द्वारा लिखी गई एक पुस्तक में मैंने पढ़ा कि गरीब इसलिए गरीब नहीं है कि वह गरीब रहना चाहता है. वह इसलिए गरीब नहीं है कि उसमें योग्यता नहीं है या फिर कुछ कर नहीं सकता बल्कि वह इसलिए गरीब है कि निर्णय करने वाली ताकतें उसके पक्ष में नहीं है. जगदेव जी जैसे लोग उन्हीं गरीब के लिए निर्णय करने वाली ताकत थे. आजादी के बाद बहुत कम लोग होंगे जिन्होंने गरीबों के लिए जान गवाई हो.

दहेज के बदले पिता दे बेटी को शिक्षा 

 मैं मानता हूं कि इंसान को शिक्षा जितनी ताकत देती है उतनी कोई भी चीज  नहीं. कोई भी बेटी  बढ़िया तालीम हासिल करेगी तो उसके पिता चार चक्का गाड़ी दहेज देने के बजाय बढ़िया कॉलेज में पढ़ाएंगे तो किसी दिन अच्छा कर जाएगी.

दुनिया में खोजकर नई बात लाने के लिए सबसे बड़ा नोबेल पुरस्कार मदर टेरेसा सहित 12 लोगों को अपने देश भारत में दिया गया है. जबकि हावर्ड यूनिवर्सिटी को 137 नोबेल प्राइज मिले हैं.कमब्रेज यूनिवर्सिटी को 98 ,कैलिफोर्निया को 94 ,यूनिवर्सिटी के शिताम्बो को 93 ,एमआईटी अमेरिका को 89 नोबेल प्राइज मिले हैं. इन संस्थानों का लेवल, फैकल्टी, टीचर वैसे है इसके चलते इन्हें नोबेल प्राइज मिलते हैं. हम लोगों को भी यही कोशिश करनी चाहिए.

सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी 

अपने 5 बड़े फैसले को गिनाते हुए राज्यपाल ने कहा कि एकेडमिक कैलेंडर जिसमें एग्जाम देने की तारीख, सर्टिफिकेट देने की तारीख ,अभी से ही फिक्स करने की बात व  अगले साल से ग्रेजुएशन की लेवल बदली जायेगा.  उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक हाजरी के लिए इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से उपस्थिति बनाने तथा  CCTV कैमरा से निगरानी रखने की कवायद शुरू की. साथ ही छात्र संघ चुनाव पर पहल की गई है. जिसके कारण आपसे बात करने के लिए चुने हुए संजीदा लड़के-लड़कियां आएगी. मार्च तक लगभग सभी जगह चयन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. 

गलत होने पर चुप मत रहे बेटियां

बेटियों के लिए उन्होंने कहा कि हिम्मत के साथ रहो किसी से डरने की जरूरत नहीं. अगर आपके साथ कोई गलत करे तो चुप रहने की आदत मत डालो. थाने में नहीं जाना चाहती हो तो राज भवन का नंबर ले लो और हमारे यहां फोन करो. हमारे अफसर आपकी इज्जत के लिए मुकदमा दर्ज कराएंगे ,उनको ठीक करेंगे. साथ ही महामहिम ने कहा कि मूर्तियां लगाना तो हमें बहुत अच्छा लगता है. लेकिन मूर्तियों का सम्मान करना दलितों से सीखना चाहिए. पूरे देश में अगर बाबा साहब की मूर्ति का कोई एक अंगुली अगर तोड़ देगा तो डीएम और एसएसपी उस जिले का सोएगा नहीं. उसकी मरम्मत करा कर हीं घर जाएगा तो अपने पुरखों के मूर्ति के साथ-साथ उनके सम्मान की भी रक्षा करनी चाहिए. 

वह आसमा था और सर झुका कर चलता था

जगदेव प्रसाद की मूर्ति के अनावरण करने के बाद उन्होंने जगदेव जी के बारे में कहा कि कोई लगा ना सका उसके कद का अंदाजा वह आसमां था और सर झुका कर चलता था. सांसद छेदी पासवान के धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ. समापन के बाद महामहिम कॉलेज परिसर में जलपान ग्रहण कर 2 बजे प्रस्थान कर गये.

हेलीकॉप्टर से निशान सिंह स्टेडियम में उतरने के बाद एनएच दो के बगल में सर्विस लेन से होते हुए से

बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक अमर शहीद जगदेव प्रसाद की मूर्ति का अनावरण करने कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत दुर्गावती नदी एवं नहरान्चल की गोद में सुशोभित शहरी कोलाहल से दूर जगदेव मेमोरियल कॉलेज सकरी कुदरा में मंगलवार को 11:50 पर पहुंचे. जहां पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा सांसद सह अध्यक्ष शाही निकाय छेदी पासवान, शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह, रामगढ़  विधायक अशोक कुमार सिंह ,जगदेव मेमोरियल कॉलेज के प्रोफ़ेसर डॉक्टर महेंद्र कुमार की उपस्थिति में फीता काटकर मूर्ति का अनावरण करने के बाद दीप प्रज्वलित किया गया. सभा का शुरुआत राष्ट्रगान व कॉलेज की छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया.

कॉलेज के बारे प्रोफेसर ने दी जानकारी

इसके बाद कॉलेज के बारे जानकारी देते हुए प्रोफ़ेसर महेंद्र कुमार ने सत्यमेव जयते से अपनी बात शुरू कर प्रगति प्रतिवेदन से  संबंधित जुडी जानकारी संक्षिप्त में रखी. उन्होंने कहा कि 1978 में स्थापित जगदेव मेमोरियल  कॉलेज अति पिछड़े,  ग्रामीण क्षेत्रीय, छात्र-छात्राओं में शैक्षणिक, मानसिक व सर्वांगीण विकास के प्रति  शोषित ,दलित व अपेक्षितो की सेवा हेतु सदैव जागरुक तथा प्रयत्नशील  है. पांच एकड़ में निर्मित  चहारदिवारी में प्राचार्य कक्ष, कार्यालय ,आकर्षक सभा भवन, बीस  अध्यापन कक्ष, उपस्कर तथा उपकरणों से सुसज्जित प्रायोगिक कक्षाएं, पुस्तकालय, पेयजल, बिजली तथा छात्राओं के लिए साधन युक्त पृथक सामान्य कक्ष है. महाविद्यालय में कुल 5000 छात्र छात्र छात्राएं हैं. जिसमें लगभग 50% छात्राएं हैं. इस महाविद्यालय में 6 एकड़ में खेल का मैदान व कृषि योग्य भूमि है. इस महाविद्यालय को कला विज्ञान एवं वाणिज्य तीनों संकाय में विश्वविद्यालय तथा बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त है.

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