फ़ोटो - सबार मध्य मेंं मतदान केंद्र 240 क पर वोटिंग शुरू नहीं होने पर नीचे बैठे मतदाता
# कैमूर लाइव न्यूज़ से बंटी जायसवाल
= कई बूथों पर एक से दो घंटे बाद शुरू हुआ मतदान
= रामपुर प्रखंड क्षेत्र के नक्सल ग्रस्त बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था रही चौकस
भभुआ/ कैमूर. रविवार को सुबह 7 बजे से 205 भभुआ विधानसभा का उपचुनाव के मतदान शुरू हुई. जो शाम 5 बजे तक चली. इस दौरान भभुआ शहर सहित रामपुर प्रखंड के मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीन शुरूआत में ही खराब पायी गयी. इसके कारण ज्यादातर मतदान केंद्रो पर एक से दो घंटे देर से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई. इसके कारण मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा. वही कुछ मतदाता देर से मतदान शुरू होने से घर को या काम के लिए वापस लौट गये. रामपुर प्रखंड के सबार गांव के मध्य विद्यालय पर दो बूथ व एक सहायक बूथ बनाये गये थे.
भभुआ/ कैमूर. रविवार को सुबह 7 बजे से 205 भभुआ विधानसभा का उपचुनाव के मतदान शुरू हुई. जो शाम 5 बजे तक चली. इस दौरान भभुआ शहर सहित रामपुर प्रखंड के मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीन शुरूआत में ही खराब पायी गयी. इसके कारण ज्यादातर मतदान केंद्रो पर एक से दो घंटे देर से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई. इसके कारण मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा. वही कुछ मतदाता देर से मतदान शुरू होने से घर को या काम के लिए वापस लौट गये. रामपुर प्रखंड के सबार गांव के मध्य विद्यालय पर दो बूथ व एक सहायक बूथ बनाये गये थे.
मतदान केंद्र संख्या 240 व 241 पर 7 बजे से ही मतदान की शुरू हो गयी. लेकिन सहायक बूथ संख्या 240 क पर 8:40 बजे मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई. बूथ स्थित कर्मियों ने बताया कि वीवीपैट मशीन में खराबी हो गयी है. इसके कारण मतदान में देर हुई. वही मतदाता राजेश सिंह, सुरेंद्र मल्लाह ने बताया कि काम को छोड़ कर मतदान के लिए आये हुए है. लेकिन वीवीपैट मशीन खराब होने के कारण डेढ़ घंटे से कतार में खड़े है.
फ़ोटो - नक्सलग्रस्त भीतरीबांध पर मतदान के लिए खड़े महिला मतदाता
इस दौरान मतदान के लिए खड़े खड़े पैर जवाब देना लगा तो बैठ गये. वही रामपुर प्रखंड क्षेत्र के कई नक्सल ग्रस्त बूथों पर भी मतदान की प्रक्रिया ईवीएम व वीवीपैट की गड़बड़ी से निर्धारित समयावधि में शुरू नहीं हो पायी. जिसकी वजह से मतदाताओ को काफी परेशानी हुई.
- रामपुर में भी इन बूथों पर ईवीएम व वीवीपैट में गड़बड़ी
रामपुर प्रखंड के सबार गांव के मध्य विद्यायल के बूथ संख्या 240 क, राजकीय मध्य विद्यालय अमांव के बूथ संख्या 651,652, उमवि लेवाबांध के बूथ संख्या 254,भीतरीबांध के पंचायत भवन बूथ, उमवि बिछिया के बूथ संख्या 197, पसाई के विद्यालय स्थित 191, 191 क सहित कई बूथों पर ईवीएम व वीवीपैट में गड़बड़ी से देर से मतदान शुरू हुई.
- रामपुर में भी इन बूथों पर ईवीएम व वीवीपैट में गड़बड़ी
रामपुर प्रखंड के सबार गांव के मध्य विद्यायल के बूथ संख्या 240 क, राजकीय मध्य विद्यालय अमांव के बूथ संख्या 651,652, उमवि लेवाबांध के बूथ संख्या 254,भीतरीबांध के पंचायत भवन बूथ, उमवि बिछिया के बूथ संख्या 197, पसाई के विद्यालय स्थित 191, 191 क सहित कई बूथों पर ईवीएम व वीवीपैट में गड़बड़ी से देर से मतदान शुरू हुई.
फ़ोटो - लेवाबाँध बूथ पर वोट देने कतार में खड़े मतदाता पहचान पत्र दिखाते हुए
# नक्सल ग्रस्त मतदान केंद्र पर खराब था चापाकल
उपचुनाव को लेकर प्रशासन द्वारा सभी मतदान केंद्रों पर चापाकल,शौचालय, रैंप आदि मूलभूत सुविधा पूरा कराने का निर्देश दिया गया था. लेकिन रविवार को उपचुनाव के मतदान के दिन नक्सल ग्रस्त भीतरीगांव के सामुदायिक भवन मतदान केंद्र पर चापाकल का खराब देखा गया. इस दौरान मतदाताओं को पीने के पानी के लिए परेशानी हुई.
उपचुनाव को लेकर प्रशासन द्वारा सभी मतदान केंद्रों पर चापाकल,शौचालय, रैंप आदि मूलभूत सुविधा पूरा कराने का निर्देश दिया गया था. लेकिन रविवार को उपचुनाव के मतदान के दिन नक्सल ग्रस्त भीतरीगांव के सामुदायिक भवन मतदान केंद्र पर चापाकल का खराब देखा गया. इस दौरान मतदाताओं को पीने के पानी के लिए परेशानी हुई.
फ़ोटो - नक्सलग्रस्त क्षेत्र भितरीबांध गांव के पास सुरक्षा में तैनात जवान
= सुरक्षा को ले तैनात थे अर्द्ध सैनिक बल के जवान
उपचुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष संपन्न कराने को लेकर अर्द्धसैनिक बल के जवान के जगह जगह तैनात थे. रामपुर प्रखंड के नक्सल ग्रस्त बूथों पर पारा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात देखे गये. यही नहीं नक्सल ग्रस्त क्षेत्र भीतरीबांध, लेवाबांध आदि गांवों के सड़कों के किनारे, पेड़ के नीचे, बूथों पर अर्द्ध सैनिक बल के जवान सुरक्षा के लिए तैनात नजर आये.
उपचुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष संपन्न कराने को लेकर अर्द्धसैनिक बल के जवान के जगह जगह तैनात थे. रामपुर प्रखंड के नक्सल ग्रस्त बूथों पर पारा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात देखे गये. यही नहीं नक्सल ग्रस्त क्षेत्र भीतरीबांध, लेवाबांध आदि गांवों के सड़कों के किनारे, पेड़ के नीचे, बूथों पर अर्द्ध सैनिक बल के जवान सुरक्षा के लिए तैनात नजर आये.
