फोटो - यदुपुर गांव में रात्रि चौपाल में लोगों को संबोधित करते वरीय उपसमाहर्ता
# कैमूर / बंटी जायसवाल
# यदुपुर गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन
# रात्रि चौपाल में वरीय उप समाहर्ता ने कहा
घर का इज्जत, मान प्रतिष्ठा है शौचालय
भभुआ. महिलाएं घर की लक्ष्मी होती है. घर की लक्ष्मी को बाहर खुले में शौच के लिए भेजना ठीक है क्या. घर की इज्जत, मान प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए शौचालय बहुत जरूरी है. उक्त बातें सोमवार के रात सीवों पंचायत के यदुपुर गांव के मध्य विद्यालय के प्रांगण व पोखरा के पींड पर सत्याग्रह से स्वच्छाग्राही अभियान को सफल बनाने के लिए खुले में शौचमुक्त को लेकर आयोजित रात्रि चौपाल में जिले से आये वरीय उपसमाहर्ता केके उपाध्याय ने कहीं.
घर का इज्जत, मान प्रतिष्ठा है शौचालय
भभुआ. महिलाएं घर की लक्ष्मी होती है. घर की लक्ष्मी को बाहर खुले में शौच के लिए भेजना ठीक है क्या. घर की इज्जत, मान प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए शौचालय बहुत जरूरी है. उक्त बातें सोमवार के रात सीवों पंचायत के यदुपुर गांव के मध्य विद्यालय के प्रांगण व पोखरा के पींड पर सत्याग्रह से स्वच्छाग्राही अभियान को सफल बनाने के लिए खुले में शौचमुक्त को लेकर आयोजित रात्रि चौपाल में जिले से आये वरीय उपसमाहर्ता केके उपाध्याय ने कहीं.
उन्होनें कहा कि अगर अपने घर की लक्ष्मी, इज्जत मान प्रतिष्ठा को बचाये रखना है तो अपने घरों में शौचालय बना कर उसका उपयोग करें. इसके साथ ही उन्होनें कहा कि खुले में शौच करने से कई प्रकार की बीमारियां होती है. सब प्रकार की बीमारियों का जड़ गंदे चीजों पर बैठ कर मक्खियां हमारे भोजन पर बैठती है. इसे खाकर हम बीमार पड़ते है. इसलिए आप सभी इस अभियान के तहत जुड़ कर खुले में शौचमुक्त बनाये. अपने घरों में शौचालय बनवा कर उसका उपयोग करें. आये हुए लोगों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए सहयोग करने की अपील की.
बीडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत में जिनके घर में शौचालय नहीं बन पाया है, उनके घर शौचालय प्रेरकों द्वारा बनवा जा रहे है. शौचालय निर्माण के बाद जियो टैगिंग होने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली 12 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जायेगा. मौके पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी बजरंग प्रताप सिंह, प्रखंड समन्वयक रविशंकर बिहारी, मास्टर ट्रेनर रामप्रवेश तिवारी, मुखिया आरती देवी, अमरेंद्र सिंह सहित कई लोग शामिल थे.
