भभुआ कैमूर. गुरुवार को जिला जज शैलेन्द्र सिंह की अदालत ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने मामले में सास, ससुर व ननद को दोषी पाते हुए 14 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जबकि मृतका के पति का दूसरे कोर्ट में लंबित है। सजा पाने वालों में भगवानपुर थाना क्षेत्र के कसेर निवासी ससुर शिवशंकर सिंह, सास गुजरावती देवी व ननद नीतू देवी का नाम शामिल हैं। उक्त मामले में जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र के जेवरी निवासी विद्यसागर सिंह ने अपनी पुत्री सुमन कुमारी की गला दबाकर हत्या किए जाने की एफआईआर दर्ज कराया गया था। दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि 13 फरवरी 2015 को सुमन की शादी कसेर गांव के शिवशंकर सिंह के बेटे के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले पांच लाख रुपए के लिए सुमन को अक्सर प्रताड़ित करते हुए मारपीट करते थे। दहेज की राशि नहीं मिलने पर ससुराल वालों ने एक मई 2015 की शाम पांच बजे उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। जब उन्हें इसकी सूचना मिली तो वे कसेर गांव पहुंचे तो देखा कि उनकी बेटी का शव उसके बेड रुम में पड़ा था। उन्होंने ससुराल वालों पर दहेज में पांच लाख रुपया नहीं देने पर उनकी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर देने की आशंका जताई थी। कोर्ट ने आरोपितों को दोषी पाते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।इस मामले में पीपी कुलेश्वर प्रसाद सिंह ने सरकार की ओर से अदालत में पैरवी की।
दहेज के लिए बहू के हत्या के आरोपी ससुराल वाले को कोर्ट ने सुनाई 14 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा
शुक्रवार, अक्टूबर 05, 2018
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