दूर्गावती से मुबारक अली
दुर्गावती (कैमूर) - दुर्गावती थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में ऐतिहासिक रामलीला के दसवे दिन शबरी उद्धार और बाली वध का मंचन किया गया। शबरी उद्धार और बाली वध लीला को देखने के लिए रविवार को क्षेत्रवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी और रामलीला देख कर लोग भाव विभोर हो गए। श्री राम प्रभु ने भीलनी शबरी के आश्रम मे जाकर उनका आतिथ्य स्वीकार किया शबरी अनुराग के आगे श्री राम नतमस्तक होकर उसके जूठे बेर भी खाए श्री राम ने शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश भी दिया
दुर्गावती (कैमूर) - दुर्गावती थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में ऐतिहासिक रामलीला के दसवे दिन शबरी उद्धार और बाली वध का मंचन किया गया। शबरी उद्धार और बाली वध लीला को देखने के लिए रविवार को क्षेत्रवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी और रामलीला देख कर लोग भाव विभोर हो गए। श्री राम प्रभु ने भीलनी शबरी के आश्रम मे जाकर उनका आतिथ्य स्वीकार किया शबरी अनुराग के आगे श्री राम नतमस्तक होकर उसके जूठे बेर भी खाए श्री राम ने शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश भी दिया
उसके बाद शबरी ने श्रीराम को पंपापुर सरोवर जाने को कहा और बोली वहा आपकी मित्रता सुग्रीव से होगी हे रघुवीर वे सब हाल बताएंगे आप अंतर्यामी होते हुए भी यह सब मुझसे पूछ रहे हैं। फिर राम हनुमान मिलन सुग्रीव मित्रता और भारी वस्त्र लीला का मंचन हुआ । ज्ञातव्य हो कि कल्याणपुर गांव में 15 दिवसीय रामलीला का मंचन गांव के ही कला प्रेमियों द्वारा सदियों से किया जाता है हर ग्राम वासी को इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार रहता है
5 अक्टूबर से रामलीला का शुभारंभ किया गया और दशहरा को इसका समापन होगा। इस दौरान श्री राम की भूमिका प्रेम शंकर पांडे, हनुमान रमेश सिंह सुग्रीव रामजी पांडे,बाली महेंद्र पांडे ने कलाकारों की भूमिका सराहनीय रही। इस दौरान सबरी उद्धार और बाली वध का संवाद सुनने के लिए भीड़ उमड़ी रही।
