भभुआ/कैमूर। सोमवार को भभुआ व्यवहार न्यायालय में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिये गए शिक्षक को सश्रम उम्रकैद की सजा व 80 हजार रूपये जुर्माना लगाया गया है। यह सजा व्यवहार न्यायालय के एडीजे (प्रथम) सह विशेष न्यायधीश रंगनाथ तिवारी ने सुनाई। दोषी शिक्षक उदय कुमार कुशवाहा कैमूर जिला के नुआंव थाना क्षेत्र में अखिनी गांव का निवासी है।
उसकी तैनाती न्यू प्राथमिक विद्यालय तोरवां में है। 80 हजार के जुर्माना राशि पीड़िता को दी जाएगी। पीड़िता को इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से दो लाख रुपये मिलेंगे।मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में छह अगस्त को दोषी शिक्षक ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किया था। छात्रा घर में अपनी छोटी बहन के साथ सोई हुई थी। उसके माता-पिता कहीं गए हुए थे। रात का नाजायज फायदा उठाकर उदय घर में घुस गया। दुष्कर्म के बाबत किसी को बताने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी। उदय उससे पहले भी नाबालिग से दुष्कर्म किया करता था। पीड़िता अनुसूचित जाति की है। उदय को सुनाई गई सजा के तीन पहलू है। धारा 376/2एन में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, 354 (बी) में चार वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, अनुसूचित जाति से अत्याचार में दो वर्ष कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना। विशेष लोक अभियोजक प्रसिद्ध सिंह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता अजीत सिंह मामले में पैरवीकार रहे।
उसकी तैनाती न्यू प्राथमिक विद्यालय तोरवां में है। 80 हजार के जुर्माना राशि पीड़िता को दी जाएगी। पीड़िता को इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से दो लाख रुपये मिलेंगे।मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में छह अगस्त को दोषी शिक्षक ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किया था। छात्रा घर में अपनी छोटी बहन के साथ सोई हुई थी। उसके माता-पिता कहीं गए हुए थे। रात का नाजायज फायदा उठाकर उदय घर में घुस गया। दुष्कर्म के बाबत किसी को बताने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी। उदय उससे पहले भी नाबालिग से दुष्कर्म किया करता था। पीड़िता अनुसूचित जाति की है। उदय को सुनाई गई सजा के तीन पहलू है। धारा 376/2एन में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, 354 (बी) में चार वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, अनुसूचित जाति से अत्याचार में दो वर्ष कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना। विशेष लोक अभियोजक प्रसिद्ध सिंह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता अजीत सिंह मामले में पैरवीकार रहे।


