पसपिपरा गोलीकांड में दो की मौत,मुआवजे व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा आक्रोशितों ने जाम की सड़क

भभुआ/मोहनिया। आज कैमूर जिले के एनएच 30 मोहनिया थाना क्षेत्र के पसपिपरा मोड़ के पास 24 
 दिसंबर को हुए गोलीकांड में इलाज के दौरान हुए अब तक दो लोगो की मौत के बाद आक्रोशित लोगो ने पीड़ित परिजन के मुआवजे व अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोहनिया परसथुआ पथ को  पसपीपरा चौक के पास भरत पासी के शव को सड़क पर रख कर जाम कर दिया। शुक्रवार को इलाज के दौरान निर्दोष भरत पासी की भी मौत हो गई। जिसके बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी। वाहन जहां तहां रूक गया। जिसके कारण लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना के बाद पुलिस पहुँची और इस घटना से गुस्साए लोगों व परिजनों को समझाते शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोगों व परिजनों द्वारा का कहना था कि पीड़ित परिजन को मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और हत्याओं की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इसके साथ ही वरीय अधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे।
फाइल फोटो 
#डीएसपी व सीओ ने जाम छुड़ाया 
जिसके बाद मोहनिया डीएसपी रघुनाथ सिंह और सीओ पहुँचे।पीड़ित परिजनों के मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए और हत्यारो की जल्द गिरफ्तारी करने की बातो को कहते हुए जाम से छुटकारा दिलाया गया। 
#भरत पासी की मौत के बाद हंगामा 
मृतक भरत पासी उस दिन अपने गांव शुक्लपिपरा से पसपिपरा चौक पर सब्जी लेने के लिए गया था। लेकिन इस दौरान बाइक सवार अपराधी आये और दो लोगो की गोली मारी। इसमें भरत पासी को भी गोली लग गयी। भरत को गोली गर्दन में जा लगी थी। इस घटना में तीन लोग घायल हो गये थे। तीनो घायलों का मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के बाद वाराणसी रेफर कर दिया गया। जिसमें पानापुर विकास यादव की मौत इलाज के दौरान एक दिन बाद ही हो गयी। वही भरत पासी चार दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते हुए शुक्रवार को दम तोड़ दिया।
लोगो का कहना था कि भरत पासी अपने परिवार का किसी प्रकार कमाई कर जीविका चलाते थे। 

         फाइल फ़ोटो
#हत्यारो की नहीं हुई अब तक गिरफ्तारी
आपको बता दे कि इस घटना में तीन लोगों को गोली लगी थी। इस घटना में पानापुर गांव का विकास यादव, डड़वा का सद्दाम व शुक्लपिपरा का भरत पासी घायल बताये गए। यह घटना वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हुई थी। जिसमें भरत पासी नामक एक व्यक्ति छुड़ाने गया था। जिसमें उसे भी अपराधियों ने गोली मार दी थी। इसमे इलाज के दौरान विकास यादव की मौत घटना के एक दिन  बाद ही हो गयी थी। पुलिस घटना के पांच दिन भी किसी भी अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

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