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NEWS DESK : सूर्य ग्रहण के बाद कल यानी 16 जुलाई को गुरुपूूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखायी दिया था. लेकिन चंद्र ग्रहण दिखायी देगा.149 साल बाद इस प्रकार का चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह 16 जुलाई और 17 जुलाई के बीच यानी मंगलवार रात 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होगा और 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. हिन्दू धर्म में चंद्र ग्रहण को काफी अहमियत दी गई है. इसको लेकर कई तरह की मान्यताएं भी हैं. हिंदू पंचांग देखें तो इस बार चंद्र ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लग रहा है. यह चंद्रग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है. इस बार चंद्र ग्रहण का समय 3 घंटे का होगा. ग्रहणकाल में प्रकृति के भीतर कई तरह की नकारात्मक और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है. लिहाजा इस दौरान कई ऐसे काम हैं जिन्हें नहीं करना चाहिए. इस दिन चंद्रमा शाम 6 बजे से 7 बजकर 45 मिनट तक उदय होगा. यह भारत में दिखाई देगा. 9 घंटे पहले चंद्रग्रहण का सूतक लग जाएगा. दोपहर में 01.40 से शाम 4.30 मिनट के बीच ही गुरू का तिलक, वंदन, पूजन करें. इस दिन मंगलवार होने के साथ-साथ आषाढ़ की पूर्णिमा भी है. आज की कई पूजा का बहुत लाभ होता है.
NEWS DESK : सूर्य ग्रहण के बाद कल यानी 16 जुलाई को गुरुपूूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखायी दिया था. लेकिन चंद्र ग्रहण दिखायी देगा.149 साल बाद इस प्रकार का चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह 16 जुलाई और 17 जुलाई के बीच यानी मंगलवार रात 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होगा और 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. हिन्दू धर्म में चंद्र ग्रहण को काफी अहमियत दी गई है. इसको लेकर कई तरह की मान्यताएं भी हैं. हिंदू पंचांग देखें तो इस बार चंद्र ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लग रहा है. यह चंद्रग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है. इस बार चंद्र ग्रहण का समय 3 घंटे का होगा. ग्रहणकाल में प्रकृति के भीतर कई तरह की नकारात्मक और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है. लिहाजा इस दौरान कई ऐसे काम हैं जिन्हें नहीं करना चाहिए. इस दिन चंद्रमा शाम 6 बजे से 7 बजकर 45 मिनट तक उदय होगा. यह भारत में दिखाई देगा. 9 घंटे पहले चंद्रग्रहण का सूतक लग जाएगा. दोपहर में 01.40 से शाम 4.30 मिनट के बीच ही गुरू का तिलक, वंदन, पूजन करें. इस दिन मंगलवार होने के साथ-साथ आषाढ़ की पूर्णिमा भी है. आज की कई पूजा का बहुत लाभ होता है.
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149 साल बाद गुरुपूर्णिमा के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषी के अनुसार, इस बार 149 साल बाद गुरुपूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है. इसके पहले 12 जुलाई, 1870 को गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगा था. उस समय भी शनि, केतु और चंद्र के साथ धनु राशि में स्थित था. सूर्य, राहु के साथ मिथुन राशि में स्थित था.
ग्रहण के दौरान नहीं करें यह काम
चंदहण के दौरान अन्न जल ग्रहण नहीं करें.
चंद्र ग्रहण के दौरान स्नान नहीं करना चाहिए.यह खत्म होने के बाद या इससे पहले स्नान कर लें.
ग्रहण को कभी भी खुली आंख से नहीं देखना चाहिए. इसका आंखों पर बुरा असर पड़ता है.
ग्रहण के समय मंत्रो का जाप किया जा सकता है.
चंदहण के दौरान अन्न जल ग्रहण नहीं करें.
चंद्र ग्रहण के दौरान स्नान नहीं करना चाहिए.यह खत्म होने के बाद या इससे पहले स्नान कर लें.
ग्रहण को कभी भी खुली आंख से नहीं देखना चाहिए. इसका आंखों पर बुरा असर पड़ता है.
ग्रहण के समय मंत्रो का जाप किया जा सकता है.
इन देशों में भी दिखेगा चंद्र ग्रहण
भारत के अलावा दक्षिण अमेरिका के कई क्षेत्रों सहित पूरा एशिया इस चंद्रग्रहण को देख सकेगा. पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के पूर्वी क्षेत्रों, दक्षिण कोरिया, उत्तरी कोरिया, उत्तर पूर्वी, चीन के साथ रुस के कुछ क्षेत्रों में भी यह ग्रहण लोग देख पाएंगे. ये 2019 का अंतिम चंद्र ग्रहण है.



