दुर्गावती/कैमूर।मुबारक अली - चार दिनों तक चलने वाले सूर्योपासना का महान पर्व छठ के तीसरे दिन छठव्रतियों ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देकर सूर्यदेव से सुख और समृद्धि की कामना की. कई घंटे तक व्रतियों और श्रद्धालुओं ने विभिन्न सरोवरों और नदियों के घाटों पर जल मे खड़े होकर भगवान सुर्य की आराधना की. पूरा वातवरण छठ मैया के गीतों से गुंजायमान हो रहा था.शनिवार की दोपहर बाद घर-घर से सिर पर सिपुली-दउरा लेकर निकले लोग पीछे से निर्जला व्रतधारी गीत गातीं महिलाओं तालाब-पोखरों व नदी किनारे बने पूजा स्थलों तक पहुंचीं. जिससे नदियों पोखरा तालाब घाटों पर मेले जैसा दृश्य बना रहा.प्रखंड क्षेत्र के दुर्गावती नदी, कर्मनाशा नदी,महमूदगंज के पास स्थित पोखरा छज्जूपुर,कर्मनाशा बसावनपुर,सरैया,चहरियां,धनेछा भेड़िया,छांव,नुआव,कुल्हड़ीया कर्णपुरा,कुशहरियां, मछनहटा आदि घाटों पर शनिवार को दोपहर बाद घर-घर से सिपुली दौउरा लेकर निकालें लोग पीछे से निर्जला व्रतधारी गीत गाती महिलाओं तालाब-पोखरो व नदी किनारे पूजा स्थलों तक पहुंची.
घाटों पर अपार भीड़ को देखते हुए पुलिस महकमे से सुरक्षा के चौकस इंतजाम किए थे. हर जगह महिला व पुरुष पुलिस कर्मी अराजक तत्वों पर नजर रखे हुए थे.थाना अध्यक्ष सुहेल अहमद घाटों का चक्रमण करते दिखे.उल्लासपूर्ण माहौल में व्रतधारी महिलाओं ने डूबते सूर्य देवता को अर्घ्य दिया और घर के लिए चले देर रात तक पूजन-अर्चन का दौर चलता रहा. प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न जगहों पोखरा नदी घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजन-अर्चन करने पहुंचे. क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी सूर्योपासना का महापर्व पूरी श्रद्धा भक्ति और पवित्रता से मनाया जा रहा है रविवार को उदयाचल सूर्य को अर्ध्य प्रदान करने के साथ ही चार दिवसीय महापर्व समापन हो जाएगा.
घाटों पर अपार भीड़ को देखते हुए पुलिस महकमे से सुरक्षा के चौकस इंतजाम किए थे. हर जगह महिला व पुरुष पुलिस कर्मी अराजक तत्वों पर नजर रखे हुए थे.थाना अध्यक्ष सुहेल अहमद घाटों का चक्रमण करते दिखे.उल्लासपूर्ण माहौल में व्रतधारी महिलाओं ने डूबते सूर्य देवता को अर्घ्य दिया और घर के लिए चले देर रात तक पूजन-अर्चन का दौर चलता रहा. प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न जगहों पोखरा नदी घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजन-अर्चन करने पहुंचे. क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी सूर्योपासना का महापर्व पूरी श्रद्धा भक्ति और पवित्रता से मनाया जा रहा है रविवार को उदयाचल सूर्य को अर्ध्य प्रदान करने के साथ ही चार दिवसीय महापर्व समापन हो जाएगा.


