पटना/न्यूज़ डेस्क: पटना के वीणा सिनेमा हॉल में रानी चटर्जी की भोजपुरी फिल्म ‘छोटकी ठकुराईन’ के प्रीमियर शो का आयोजन किया गया. यह फिल्म नारी सशक्तिकरण और शराबबंदी पर आधारित है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, बिहार सरकार में उद्योग मंत्री श्याम रजक और मंत्री जय कुमार सिंह शामिल हुए. इस दौरान अभिनेत्री रानी चटर्जी भी उपस्थित रही.
फिल्म को देखने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि फिल्म देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई. आशुतोष सिंह बिहार से आते हैं और उन्होंने एक बेहतरीन फिल्म बनाई है. यह हमें गौरवान्वित करता है. यह फिल्म वर्तमान के सबसे ज्वलंत विषय पर है. राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सामने सबसे बड़ा काम महिलाओं के सशक्तिकरण का है. जब तक महिलाएं आगे बढ़कर पूर्ण रूप से सामाजिक कार्यों में हिस्सेदारी नहीं लेगी, तब तक हमारे समाज की आधी क्षमता का उपयोग नहीं हो पायेगा. उन्होंने कहा कि फिल्म समाज पर प्रभाव डालने का सशक्त जरिया होता है. इस फिल्म से भी नौजवानों को बहुत सीख मिलती है. लोगों को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए.
उद्योग मंत्री श्याम रजक ने फिल्म की सफलता की कामना करते हुए कहा कि फिल्म अच्छी है. हमें खुशी है कि बिहार के कलाकार और रंगकर्मियों ने मिलकर एक फिल्म बनाई है. यह फिल्म बिहार में सिनेमा को आगे बढ़ाने का काम करेगी. उन्होंने कहा कि नारी को सशक्त किये बिना देश और समाज का विकास संभव नहीं है. यह फिल्म एक सार्थक संदेश देने वाली है. इसके लिए हम फिल्म के निर्माता आशुतोष सिंह, निर्देशक शम्स दुर्रानी और फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हैं.
इस अवसर पर मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि यह फिल्म युवाओं को जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि इसमें कई संदेश भी छुपे हैं. महिलाओं के विकास के लिए प्रदेश की सरकार तत्पर है. यह फिल्म सरकार के कार्यों में सहयोग देने वाली है.
वहीं, फिल्म के प्रीमियर पर पहुंची अभिनेत्री रानी चटर्जी ने कहा कि यह फिल्म गांव की एक सशक्त महिला की कहानी है, जो पति को परमेश्वर तो मानती है, लेकिन जब उसका पति अन्याय करता है, तो वो उसके खिलाफ भी लड़ती है. ये कंसेप्ट हसबैंड और वाइफ के बीच सही चीजों को लेकर लड़ाई का है, जो काफी रूचिकर है.
रानी चटर्जी ने कहा कि लोगों को यह फिल्म खूब पसंद आयेगी. फिल्म में सभी कलाकारों ने बेहतर काम किया है, तब जाकर हम एक शानदार फिल्म लेकर आये हैं. घर में जो औरतें होती हैं, वो किसी मामले में कमजोर नहीं होती है.
फिल्म के निर्माता आशुतोष सिंह और निर्देशक शम्स दुर्रानी ने संयुक्त रूप से कहा कि यह फिल्म बिहार के कलाकारों और तकनीशियनों को लेकर हमने बिहार में ही बनाई है. तब लोगों ने हमें इसके लिए मना भी किया. मगर हमारे लिए फिल्म के जरिये प्राथमिकता समाज को एक सशक्त संदेश देने की है, और आगे भी हम सामाजिक विषयों पर बिहार के कलाकारों के साथ मिलकर फिल्में बनायेंगे.
इस अवसर पर मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि यह फिल्म युवाओं को जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि इसमें कई संदेश भी छुपे हैं. महिलाओं के विकास के लिए प्रदेश की सरकार तत्पर है. यह फिल्म सरकार के कार्यों में सहयोग देने वाली है.
वहीं, फिल्म के प्रीमियर पर पहुंची अभिनेत्री रानी चटर्जी ने कहा कि यह फिल्म गांव की एक सशक्त महिला की कहानी है, जो पति को परमेश्वर तो मानती है, लेकिन जब उसका पति अन्याय करता है, तो वो उसके खिलाफ भी लड़ती है. ये कंसेप्ट हसबैंड और वाइफ के बीच सही चीजों को लेकर लड़ाई का है, जो काफी रूचिकर है.
रानी चटर्जी ने कहा कि लोगों को यह फिल्म खूब पसंद आयेगी. फिल्म में सभी कलाकारों ने बेहतर काम किया है, तब जाकर हम एक शानदार फिल्म लेकर आये हैं. घर में जो औरतें होती हैं, वो किसी मामले में कमजोर नहीं होती है.
फिल्म के निर्माता आशुतोष सिंह और निर्देशक शम्स दुर्रानी ने संयुक्त रूप से कहा कि यह फिल्म बिहार के कलाकारों और तकनीशियनों को लेकर हमने बिहार में ही बनाई है. तब लोगों ने हमें इसके लिए मना भी किया. मगर हमारे लिए फिल्म के जरिये प्राथमिकता समाज को एक सशक्त संदेश देने की है, और आगे भी हम सामाजिक विषयों पर बिहार के कलाकारों के साथ मिलकर फिल्में बनायेंगे.



