# मानव श्रृंखला में शामिल हुए हजारों महिला पुरुष
चैनपुर/कैमूर। जलजीवन हरियाली पक्ष में और दहेज व बाल विवाह के खिलाफ सरकार द्वारा छेड़ी गयी जंग के समर्थन में मानव श्रृंखला में क्षेत्र के लोगों के साथ स्थानीय विधायक सह खान एवं भूतत्व मंत्री बृजकिशोर बिंद भी शामिल हुए. मानव श्रृंखला से पूर्व वे लोगों को लाइन में खड़ा कराते भी दिखे. उन्होंने सड़क से गुजर रहे लोगों को भी. साढ़े 11 बजते ही वे श्रृंखला में शामिल हो लोगों का हाँथ थामा. मानव श्रृंखला के समाप्ति के बाद मंत्री ने मानव श्रृंखला को सफल बताया. उन्होंने लोगों से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि जल व हरियाली जीवन के लिए आवश्यक है. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए सभी सरकारी भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जा है और सभी सरकारी चापाकलों के पास सोखते का निर्माण कराया जा रहा है.
कई रूटों में बनी मानव श्रृंखला
चैनपुर प्रखण्ड क्षेत्र के भभुआ धरौली पथ सहित हाटा दुर्गावती पथ, अवखरा-महादाइच पथ पर मानव श्रृंखला बनायीं गयी. रविवार को सुबह से ही जल जीवन हरियाली और बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ इस मुहिम को लेकर लोगों में काफी उत्साह था खासकर महिलाओं का जज्बा देखते ही बन रहा था. सरकार के इस पहल से खुश महिलाएं सुबह ही अपने परिवार का खाना तैयार कर श्रृंखला में भाग लेने के लिए सुबह साढ़े दस बजे ही अपने घरों से समूह में मुख्य सड़क के लिए निकल गयीं. चैनपुर का मुख्य सड़क मानव श्रृंखला बनने के निर्धारित साढ़े 11 बजे के बहुत पहले ही स्कूली बच्चों व क्षेत्र के महिलाओं से भर गया. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानों सड़क पर महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा हो. क्षेत्र के सभी लोग सरकार के इस निर्णय पर एकता के एक सूत्र में बंधकर "हर व्यक्ति की यही पुकार, दहेज मुक्त हो अपना बिहार" का नारा बुलंद किया. ये मानव श्रृंखला सामाजिक कुरीतियों के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी प्रतिक बना जिसमें सभी जाती, धर्म व संप्रदाय के लोगों ने हिस्सा लिया. मानव श्रृंखला में शामिल लोगों की सुविधा के लिए पेयजल व बिस्किट की व्यवस्था की गई थी वहीं महिलाओं के लिए सड़क के किनारे अस्थायी शौचलय बनाये गए थे. मध्याह्न भोजन योजना की ओर से मडीएम बीआरपी राजेश कुमार द्वारा मानव श्रृंखला में बच्चों में चॉकलेट बांटा गया।

सरकारी व निजी विद्यालयों के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर लिया हिस्सा
रविवार को आयोजित मानव श्रृंखला में सरकारी व निजी विद्यालयों की भागीदारी काफी अहम रहा. केकड़ा नदी से लेकर परैया मोड़ तक चैनपुर क्षेत्राधिन 14 किलोमीटर में बने मानव श्रृंखला के साथ साथ क्षेत्र के अन्य प्रमुख सड़कों पर जनसैलाब में 90 प्रतिशत भागीदारी विभिन्न विद्यालयो के बच्चों की थी. विद्यालय के यूनिफार्म ने खड़े बच्चे पुरे समाज को ये संदेस दे रहे थे कि यदि हमारा घर, गांव और पूरा समाज दहेज दानव व बाल विवाह जैसे कुरीतियों से मुक्त होगा तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा. इस श्रृंखला में जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ताओं की भी भागेदारी देखने को मिली.
अधिकारियों के सामने ही खड़े जनप्रतिनिधि
जल जीवन हरियाली के पक्ष में व सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध बनाये गए मानव श्रृंखला में जुटी भीड़ में स्कूली बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही. इस कार्य में बीडीओ द्वारा कर्मियों व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा थी जिसपर कर्मियों ने पूरा साथ दिया लेकिन जन प्रतिनिधि लोगों को मानव श्रृंखला में लेकर नहीं आये. मानव श्रृंखला में प्रखण्ड के जनप्रतिनिधि लोगों को मानव श्रृंखला में लाने के बड़े-बड़े दावे बैठक के दौरान की जा रही थी लेकिन जब लोगों को लाने की बात हुई तो सभी दावे फेल हो गए. कुछ जन ओरतिनिधि श्रृंखला में पहुंचे तो वे अधिकारियों के आसपास ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराते देखे गए. सभी पंचायत प्रतिनिधि श्रृंखला से इतर अधिकारियों के इर्द-गिर्द ही घूमते नजर आए जिससे अधिकारियों द्वारा उन्हें सहयोग का प्रमाण पत्र मिल सके.
अपेक्षा से कम रही लोगो की भीड़
मानव श्रृंखला में 2017 व 2018 के अपेक्षा लोगों की संख्या काफी कम रही. इसका कारण चाहे जो भी हो लेकिन चैनपुर में सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध बने मानव श्रृंखला अटूट नहीं रही. मानव श्रृंखला के निर्धारित समय के बाद भी कई लोग आते देखे गए. चैनपुर के चरवाहा विद्यालय से अवखरा मोड़ तक के पांच सौ के दायरे में ना एक मानव दिखा नाही कोई श्रृंखला. यही हाल अवखरा के रविदास मंदिर से हजार पुल तक भी देखने को मिला. मानव श्रृंखला में लोगों के उत्साह का आलम यह था कि थाना के सामने स्थित बाजार में भी मानव श्रृंखला नहीं बन पाया. इस मानव श्रृंखला के दौरान शराब बन्दी के तरह उत्साह नहीं दिखा जो प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल रहा है.
मानव श्रृंखला के बाद हुई बैठक,सफल आयोजन पर दी गयी बधाई
मानव श्रृंखला के बाद डीआरडीए निदेश अजय कुमार तिवारी ने सभी कर्मियों के साथ बैठक कर उन्हें मानव श्रृंखला के सफल आयोजन के लिए बधाई दी. उन्होंने बताया कि चैनपुर सहित पूरे जिले में मानव श्रृंखला मानव श्रृंखला को सफल बताया. उन्होंने चैनपुर के लोगों की तारीफ करते हुए कहा की यहां लोगों में इस मानव श्रृंखला के प्रति काफी उत्साह था.
इस कार्यक्रम के दौरान डीडीसी कृष्ण प्रसाद गुप्ता, डीआरडीए निदेशक अजय तिवारी, बीडीओ राजेश कुमार, अंचलाधिकारी पुरेंद्र कुमार सिंह, बीईओ कृषणानंद मिश्रा, पूर्व जिला पार्षद राजू खान, सेक्टर पदाधिकारी मनोज सिन्हा, अनिल श्रीवास्तव, वशिष्ठ सिंह, उप प्रमुख राजीव रंजन सिंह पटेल, विजय चौरसिया, सीमा पांडेय, अनिल सिंह पटेल सहित कई लोग मौजूद थे.
चैनपुर/कैमूर। जलजीवन हरियाली पक्ष में और दहेज व बाल विवाह के खिलाफ सरकार द्वारा छेड़ी गयी जंग के समर्थन में मानव श्रृंखला में क्षेत्र के लोगों के साथ स्थानीय विधायक सह खान एवं भूतत्व मंत्री बृजकिशोर बिंद भी शामिल हुए. मानव श्रृंखला से पूर्व वे लोगों को लाइन में खड़ा कराते भी दिखे. उन्होंने सड़क से गुजर रहे लोगों को भी. साढ़े 11 बजते ही वे श्रृंखला में शामिल हो लोगों का हाँथ थामा. मानव श्रृंखला के समाप्ति के बाद मंत्री ने मानव श्रृंखला को सफल बताया. उन्होंने लोगों से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि जल व हरियाली जीवन के लिए आवश्यक है. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए सभी सरकारी भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जा है और सभी सरकारी चापाकलों के पास सोखते का निर्माण कराया जा रहा है.
कई रूटों में बनी मानव श्रृंखला
चैनपुर प्रखण्ड क्षेत्र के भभुआ धरौली पथ सहित हाटा दुर्गावती पथ, अवखरा-महादाइच पथ पर मानव श्रृंखला बनायीं गयी. रविवार को सुबह से ही जल जीवन हरियाली और बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ इस मुहिम को लेकर लोगों में काफी उत्साह था खासकर महिलाओं का जज्बा देखते ही बन रहा था. सरकार के इस पहल से खुश महिलाएं सुबह ही अपने परिवार का खाना तैयार कर श्रृंखला में भाग लेने के लिए सुबह साढ़े दस बजे ही अपने घरों से समूह में मुख्य सड़क के लिए निकल गयीं. चैनपुर का मुख्य सड़क मानव श्रृंखला बनने के निर्धारित साढ़े 11 बजे के बहुत पहले ही स्कूली बच्चों व क्षेत्र के महिलाओं से भर गया. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानों सड़क पर महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा हो. क्षेत्र के सभी लोग सरकार के इस निर्णय पर एकता के एक सूत्र में बंधकर "हर व्यक्ति की यही पुकार, दहेज मुक्त हो अपना बिहार" का नारा बुलंद किया. ये मानव श्रृंखला सामाजिक कुरीतियों के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी प्रतिक बना जिसमें सभी जाती, धर्म व संप्रदाय के लोगों ने हिस्सा लिया. मानव श्रृंखला में शामिल लोगों की सुविधा के लिए पेयजल व बिस्किट की व्यवस्था की गई थी वहीं महिलाओं के लिए सड़क के किनारे अस्थायी शौचलय बनाये गए थे. मध्याह्न भोजन योजना की ओर से मडीएम बीआरपी राजेश कुमार द्वारा मानव श्रृंखला में बच्चों में चॉकलेट बांटा गया।

सरकारी व निजी विद्यालयों के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर लिया हिस्सा
रविवार को आयोजित मानव श्रृंखला में सरकारी व निजी विद्यालयों की भागीदारी काफी अहम रहा. केकड़ा नदी से लेकर परैया मोड़ तक चैनपुर क्षेत्राधिन 14 किलोमीटर में बने मानव श्रृंखला के साथ साथ क्षेत्र के अन्य प्रमुख सड़कों पर जनसैलाब में 90 प्रतिशत भागीदारी विभिन्न विद्यालयो के बच्चों की थी. विद्यालय के यूनिफार्म ने खड़े बच्चे पुरे समाज को ये संदेस दे रहे थे कि यदि हमारा घर, गांव और पूरा समाज दहेज दानव व बाल विवाह जैसे कुरीतियों से मुक्त होगा तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा. इस श्रृंखला में जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ताओं की भी भागेदारी देखने को मिली.
अधिकारियों के सामने ही खड़े जनप्रतिनिधि
जल जीवन हरियाली के पक्ष में व सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध बनाये गए मानव श्रृंखला में जुटी भीड़ में स्कूली बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही. इस कार्य में बीडीओ द्वारा कर्मियों व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा थी जिसपर कर्मियों ने पूरा साथ दिया लेकिन जन प्रतिनिधि लोगों को मानव श्रृंखला में लेकर नहीं आये. मानव श्रृंखला में प्रखण्ड के जनप्रतिनिधि लोगों को मानव श्रृंखला में लाने के बड़े-बड़े दावे बैठक के दौरान की जा रही थी लेकिन जब लोगों को लाने की बात हुई तो सभी दावे फेल हो गए. कुछ जन ओरतिनिधि श्रृंखला में पहुंचे तो वे अधिकारियों के आसपास ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराते देखे गए. सभी पंचायत प्रतिनिधि श्रृंखला से इतर अधिकारियों के इर्द-गिर्द ही घूमते नजर आए जिससे अधिकारियों द्वारा उन्हें सहयोग का प्रमाण पत्र मिल सके.
अपेक्षा से कम रही लोगो की भीड़
मानव श्रृंखला में 2017 व 2018 के अपेक्षा लोगों की संख्या काफी कम रही. इसका कारण चाहे जो भी हो लेकिन चैनपुर में सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध बने मानव श्रृंखला अटूट नहीं रही. मानव श्रृंखला के निर्धारित समय के बाद भी कई लोग आते देखे गए. चैनपुर के चरवाहा विद्यालय से अवखरा मोड़ तक के पांच सौ के दायरे में ना एक मानव दिखा नाही कोई श्रृंखला. यही हाल अवखरा के रविदास मंदिर से हजार पुल तक भी देखने को मिला. मानव श्रृंखला में लोगों के उत्साह का आलम यह था कि थाना के सामने स्थित बाजार में भी मानव श्रृंखला नहीं बन पाया. इस मानव श्रृंखला के दौरान शराब बन्दी के तरह उत्साह नहीं दिखा जो प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल रहा है.
मानव श्रृंखला के बाद हुई बैठक,सफल आयोजन पर दी गयी बधाई
मानव श्रृंखला के बाद डीआरडीए निदेश अजय कुमार तिवारी ने सभी कर्मियों के साथ बैठक कर उन्हें मानव श्रृंखला के सफल आयोजन के लिए बधाई दी. उन्होंने बताया कि चैनपुर सहित पूरे जिले में मानव श्रृंखला मानव श्रृंखला को सफल बताया. उन्होंने चैनपुर के लोगों की तारीफ करते हुए कहा की यहां लोगों में इस मानव श्रृंखला के प्रति काफी उत्साह था.
इस कार्यक्रम के दौरान डीडीसी कृष्ण प्रसाद गुप्ता, डीआरडीए निदेशक अजय तिवारी, बीडीओ राजेश कुमार, अंचलाधिकारी पुरेंद्र कुमार सिंह, बीईओ कृषणानंद मिश्रा, पूर्व जिला पार्षद राजू खान, सेक्टर पदाधिकारी मनोज सिन्हा, अनिल श्रीवास्तव, वशिष्ठ सिंह, उप प्रमुख राजीव रंजन सिंह पटेल, विजय चौरसिया, सीमा पांडेय, अनिल सिंह पटेल सहित कई लोग मौजूद थे.




