नियोजित शिक्षकों के असहयोग से मानव श्रृंखला हुआ काफी प्रभावित, खाली रही सड़कें, नहीं दिखे लोग

चैनपुर/कैमूर। प्रखंड क्षेत्र में रविवार को जल जीवन हरियाली और दहेजव बाल विवाह के विरुद्ध बनाए गए मानव श्रृंखला का नियोजित शिक्षकों ने कोई सहयोग नहीं किया. नियोजित शिक्षकों के इसमे भाग नहीं लेने का असर इस मानव श्रृंखला पर स्पष्ट देखने को मिला. इस श्रृंखला के दौरान कई स्थलों पर लोगों के खड़े रहने के बावजूद श्रृंखला नहीं बन पाया. लोगों को गाइड करने वालों की कमी साफ तौर पर देखने को मिला. नियोजित शिक्षकों द्वारा समान कार्य समान वेतन व सरकार के शिक्षक विरोधी रवैये के कारण नियोजित शिक्षकों ने सरकार द्वारा बनवाए गए मानव श्रृंखला में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया गया था जिससे प्रशासनिक अधिकारियों को अन्य विभागों से कर्मियों की व्यवस्था करनी पड़ी. 2017 में मद्यनिषेध दिवस पर बनाए गए मानव श्रृंखला में नियोजित शिक्षकों द्वारा सरकार का सहयोग करते हुए इस कार्यक्रम को ऐतहासिक बनाया गया था. लेकिन इस बार विरोध इनके विरोध के कारण मानव श्रृंखला पूरी तरह फेल हो गया. श्रृंखला के दौरान अवखरा-महदाइच, हाटा-दुर्गावती व चैनपुर-धरौली पथ पर कुछ स्थानों को छोड़ कहीं भी श्रृंखला देखने को नहीं मिला वहीं चैनपुर क्षेत्र के भभुआ धरौली पथ पर भी कई जगहों पर दूर-दूर तक लोग नहीं दिखे. शिक्षक संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष दीवान हामिद खान ने बताया कि मानव श्रृंखला में नितयोजित शिक्षकों के भाग नहीं लेने का परिणाम सभी के सामने है. उन्होंने कहा कि आज शिक्षकों को झुनझुना समझने वाली सरकार व प्रशासन को असफल मानव श्रृंखला को देख नियोजित शिक्षकों के ताकत का एहसास हो गया होगा. उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक अपना हक मिलने तक सरकार का विरोध करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि अब सरकार को हम सभी शिक्षक अपनी एकता की ताकत का एहसास आगामी चुनाव में भी दिखाएंगे.

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