कैमूर में नियोजित शिक्षकों ने मानव श्रृंखला का किया बहिष्कार,स्कूल भी रहा बंद, बताया असफल,देखे तस्वीरें

कैमूर। कैमूर में 19 जनवरी को जल जीवन हरियाली अभियान, बाल विवाह उन्मूलन, दहेज मुक्ति और शराबबंदी के समर्थन में मानव श्रृंखला बनाई गई। जिसमें लोगों ने भाग लिया। लेकिन नियोजित शिक्षकों ने मानव श्रृंखला का बहिष्कार किया और अंत तक मानव श्रृंखला में भाग नहीं लिया। नियोजित शिक्षकों द्वारा मानव श्रृंखला का बहिष्कार करने के कारण काफी असर असर पड़ा। लोगों ने मानव श्रृंखला में भाग लिया। लेकिन मानव श्रृंखला कई जगह टुकड़ों में देखी गई। शिक्षा विभाग द्वारा मानव श्रृंखला के दिन स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया गया था। लेकिन जिस विद्यालय में नियोजित शिक्षक प्रभारी प्रधानाध्यापक के थे या नियोजित शिक्षक हैं वह विद्यालय में नहीं पहुँचे और वह विद्यालय बंद रहा। जिसके कारण बच्चे भी नहीं पहुँचे थे। वहीं जिन विद्यालयों में रेगुलर शिक्षक या प्रधानाध्यापक थे वह मानव श्रृंखला के दिन विभाग के निर्देश पर स्कूल पहुंचे। एमडीएम बनाया गया बच्चों ने एमडीएम भी खाएं। वर्ग एक से चार से तक बच्चो का विद्यालय में ही मानव श्रृंखला में बनाया गया और 5 से 8 वीं तक छात्र छात्राओं ने सड़क के किनारे मानव श्रृंखला बनाया। वहीं नियोजित शिक्षकों द्वारा बहिष्कार के दौरान बच्चों एवं लोगों को भी मानव श्रृंखला में भाग नहीं लेने के लिए मना कर दिया गया था। जिसका असर मानव श्रृंखला में भी देखने को मिला। कैमूर जिला मुुख्यालय भभुआ
 सहित सभी प्रखंडो में मानव श्रृंखला में लोगों ने भाग तो लिया उम्मीद से कम ही दिखे। जिला प्रशासन द्वारा प्रचार प्रसार करने के बावजूद भी 303 किमी में 8 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। वह ऐसा नहीं देखने को मिला।
नियोजित शिक्षक संघ द्वारा इस मानव श्रृंखला का बहिष्कार करने के साथ ही मानव श्रृंखला को पूरी तरह असफल बताया गया। लेकिन प्रशासन द्वारा मानव श्रृंखला को पूरी तरह से सफल होने का दावा किया गया। 

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