#करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने भभुआ कैमूर स्तंभ के पास कन्हैया कुमार का किया विरोध,विरोध करने वाले को भाजपा का बताया एजेंट
भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)।सरकार सीएए,एनआरसी,
एनपीआर लाकर देश को हिन्दू मुस्लिम कर बांटने का काम कर रही है। वह अब नहीं चलेगा। सरकार से युवाओ को रोजगार चाहिए, सीएए, एनआरसी,एनपीआर नहीं।यह बातें कैमूर जिला मुख्यालय स्थित भभुआ नगरपालिका मैदान में गुरुवार को कन्हैया कुमार ने सीएए, एनआरसी,एनपीआर के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा। सीपीआई नेता कन्हैया कुमार बिहार के विभिन्न जिलों में इन दिनों लगातार सीएए और एनआरसी के विरोध में जन गण मन यात्रा करते हुए जन सभाएं कर रहे है। इस दौरान उन्हें विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।
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गंभीर मुद्दे से ध्यान भटका रही है सरकार
कन्हैया कुमार ने जनसभा के दौरान पीएम मोदी व अमित शाह के खिलाफ जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा सीएए, एनआरसी,एनपीआर लाकर सरकार महंगाई,गरीबी,
बेरोजगारी,शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पहले तो राम मंदिर व धारा 370 को लेकर लोगों में भ्रम पैदा किया था अब सीएए, एनआरसी को एनपीआर को लेकर राजनीति कर रही है।
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सफल नहीं होने देंगे मंसूबे
सीएए और एनआरसी के विरोध में अब लोगों को एकजुट होना होगा। कन्हैया कुमार ने काले झंडे दिखाए जाने पर भी भड़ास निकाला. एनआरसी और सीएए को लेकर कन्हैया ने कहा कि देश में घुसपैठियों के पहचान के लिए यह कानून नहीं लाया गया है बल्कि मोदी और अमित शाह झूठे वाहवाही व लोगों को आपस में मतभेद करने के लिए लाया गया है. एनआरसी केवल आसाम में लगना चाहिए था लेकिन इसे पूरे देश में एनआरसी लगाकर लड़ाना चाह रहे हैं. लेकिन हम लोग इनके मंसूबे को सफल नहीं होने देंगे.उन्होंने कहा कि बिहार के बेरोजगार यूूवाओ को रोजगार चाहिए, सीएए,एनआरसी या एनपीआर नहीं.
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विरोध करने वाले को कन्हैया ने बताया भाजपा का एजेंट
वही कन्हैया ने तंज कसते हुए विरोध करने वाले को भाजपा का एजेंट बताया। जो 200 रुपये के काम करते है। लोगों द्वारा किसी प्रकार मेरा विरोध किया जाए चाहे कुछ लोगों पत्थर और जूता मारा और फेंका जाता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। विरोध करने वालो से कहा अगर काले झंडे दिखा कर देश का कल्याण भला हो जाये तो मैं अपने गाड़ी पर काला झंडा लगाकर घूमने को तैयार हूं। क्योंकि कम से कम देश का भला तो हो जायेगा। लेकिन जो लोग विरोध करते है और सोचते है सरदार खुश होगा तो यह उन्हें भ्रम है। सरकार को केवल अपनी चिंता है।वह नासमझ लोगों को लालच देकर मुझे काला झंडा दिखवा रही है।
कभी सरकार को नही दिखाया काला झंडा
उन्होंने कहा मेरा जिंदाबाद करने की जगह देश, संविधान और तिरंगे का जिंदाबाद कीजिए। बिहार के लोग 3 साल का ग्रेजुएशन 5 साल में पूरा करते हैं। लेकिन इस मामले में शिक्षा मंत्री को काला झंडा नहीं दिखाया जाता. चमकी बुखार से बिहार के मुजफ्फर में सैंकड़ों बच्चों की मौत हो गई लेकिन स्वास्थ्य मंत्री को काला झंडा नहीं दिखाया जाता। दरअसल यह भड़ास कन्हैया कुमार ने भभुआ के कैमूर स्तंभ के पास करणी सेना के लोगों द्वारा कन्हैया मुर्दाबाद के नारे व काला झंडा दिखाने पर निकाली. विरोध के दौरान कन्हैया को दर्जनों की संख्या में पुलिस जवानों ने सभास्थल तक सुरक्षित पहुँचाया।

