भभुआ/कैमूर। कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों व शहरों से अपने गांव लौटे प्रवासी मजदूरों के बीच नए राशन कार्ड वितरण का काम शुरू हो गया है. नए राशन कार्डधारी को जुलाई माह से राशन वितरण भी डीलर के पास होने लगेगा। उन्हें राशन में चावल, गेहूं के साथ एक किलो दाल भी दिया जाएगा। एनआईसी के साइट पर जाकर लोग राशन कार्ड की लिस्ट देख सकते हैं। इसकी जानकारी कैमूर डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने प्रेसवार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत गरीब योजना को लेकर जिले में अब तक जिनके पास राशन कार्ड नहीं था। बिहार सरकार के निर्देशानुसार जो भी राशन कार्ड से वंचित थे। चाहे वह प्रवासी मजदूर हो या स्थानीय निवासी। उनका सर्वे कर जिला में 17,270 लोगों का आवेदन सही पाते हुए राशन कार्ड बनाया गया है।जिसमें 13110 लोगों का पीडीएफ प्राप्त है। इसका प्रिंट करा कर ने 7766 राशन कार्ड का वितरण करा दिया गया है।
इसके वितरण के लिए सरकारी कर्मीयों में शिक्षक,पीआरएस,
आवास सहायक ,किसान सलाहकार को गांव व वार्ड अनुसार लगाया है। राशन कार्ड की लेने वाले लाभुक को सिर्फ दो रुपये देने होगा। अगर कोई कर्मी दो रुपये से अधिक मांगते हैं तो उसका प्रमाण के साथ वीडियो बनाकर या आवेदन के माध्यम से बीडिओ, एसडीओ या मुझे सूचना दे। उस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नए राशन कार्डधारी को जुलाई महीने का पूरा राशन मिलेगा। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से मई और जून का भी राशन दिया जाएगा।
15 जुुुलाई तक राशन कार्ड का वितरण कार्य पूरा कर देेना है। लेकिन उससे पहले ही वितरण कर लिया जाएगा। मोहनिया अनुमंडल में 4880 लाभुकों के बीच राशन कार्ड वितरण हुआ है और भभुआ शहर को मिलाते हुए कुल 6880 लाभुकों के बीच कैमूर जिले में अब तक राशन कार्ड का वितरण किया गया है।
नए राशनकार्ड के लाभुको को 5 किलो राशन में 3 किलो चावल, 2 किलो गेहूं, और 1 किलो दाल दिया जाएगा। जो नए राशन कार्डधारी हैं। जुलाई महीने से राशन मिलेगा। राशनकार्ड वितरण से डीलर,एनजीओ,जनप्रतिनिधियों को दूर रखा गया है। वही डीएम ने वैसे लोग से अपील किया है,जिनका राशन कार्ड नहीं है। वैसे लोग अपने प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन जमा कर सकते है ।

