भभुआ/कैमूर। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव को लेकर किये गए लॉक डाउन से हजारों लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया। लॉक डाउन में फैक्टरियों व कम्पनियों के बंद हो जाने के बाद लोग पलायन कर घर आ गये। अपने गांव घर आने के बाद जब उन्हें रोजगार नहीं मिला तो चोरी व लूटपाट की घटना अंजाम देने की कदम बढ़ा दिया। उक्त बातें लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले गिरफ्तार अपराधियों ने कैमूर एसपी के समक्ष प्रेसवार्ता के दौरान कही।
अपराधियों ने कहा लॉक डाउन से पहले वह बाहर में कमाते थे। लेकिन लॉक डाउन से बेरोजगार होने के बाद अपने गांव में आ गए। यहां पर चोरी व लूटपाट की घटना को अंजाम दे दिया। दरअसल, कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र से मुठानी एनएच दो पर 16 जून को बाइक लूटपाट मामले में पुलिस ने रोहतास जिले के कुल 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया। एक फरार है। जिसके लिए छापेमारी की जा रही है। सभी लॉकडाउन से पहले लखनऊ में बाहर कमाते थे। लॉक डाउन होने के बाद घर चले आए जहां से लूट की घटना को अंजाम देने लगे। पुलिस ने इन पांचों को किया गिरफ्तार। इन लोगों का हेड एक गूंगा है। जिसके निर्देश पर यह सभी घटना को अंजाम देते थे।
कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि 16 जून को मोहनिया थाना क्षेत्र के मुठानी के पास एनएच दो पर एक अपाची बाइक की लूट हुई थी।बाइक सवार से पैसे और सोने का लॉकेट भी लूटा गया था। जहां पुलिस ने अनुसंधान करने के बाद रोहतास जिले से कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों द्वारा बताया गया कि यह लोग कार से सवार होकर मोहनिया टोल प्लाजा से अपने गांव जा रहे थे।
तभी मुठानी में बाइक सवार को लूटने के बाद फिर वह कुदरा से होते हुए कोचस चले गए। गिरफ्तार व्यक्तियों में से दो लोगों का अपराधिक इतिहास पता चला है और लोगों के इतिहास खंगाला जा रहा है। यह लोग पहले बाहर कमाते थे। लेकिन लॉक डाउन होने के बाद सब गांव लौटे और लूटपाट की घटना को अंजाम देने लगे।

