भगवानपुर कैमूर। कैमूर में इन दिनों वायरल वीडियो का कई मामला सामने आ रहा है। वायरल वीडियो में कभी कट्टा लहराने का कही घुस लेने का भी मामला आ चुका है। ऐसा ही मामला रिश्वत लेने का एक सेविका का आया है। जिसका रुपये लेने का वीडियो वायरल हो गया है। मामला भगवानपुर प्रखंड के पढौती पंचायत के बल्लीपुर गांव के आंगनबाड़ी केंद्र दो का है। भगवानपुर प्रखंड के बल्लीपुर के वार्ड सदस्य व ग्रामीणों द्वारा एक सेविका पर रुपये लेने का आरोप लगाते हुए जिला पदाधिकारी को आवेदन दिया गया है।
बल्लीपुर वार्ड 2 के वार्ड सदस्य बलिराम पांडेय व ग्रामीणों द्वारा सेविका मंशा देवी पर पोषाहार के बदले खाता में पैसा डालने के लिए लाभार्थियों के परिजनों से अवैध रुपए लेने का आरोप लगाया गया है। इसमें मामला में आवेदन डीएम को दिया गया है। दिए गए आवेदन के माध्यम से कहना है कि सेविका द्वारा बच्चों के पोषण हेतु अनाज के बदले खाता में पैसा डालने के लिए प्रत्येक लाभार्थियों से 70-70 रुपये नगद रिश्वत लेकर पैसा खाते में डाला जा रहा है।
इसकी शिकायत लाभार्थी के परिजनों द्वारा वार्ड नंबर 2 के ग्राम बल्लीपुर के वार्ड सदस्य बलिराम पांडेय से की गयी।वार्ड सदस्य बलीराम पांडे द्वारा तुरंत बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो पदाधिकारी द्वारा कहा गया कि किसी भी लाभार्थियों से किसी भी तरह का कोई राशि नहीं लेना है। लेकिन नवनियुक्त सेविका द्वारा लाभार्थियों से रिश्वत के तौर पर 70 -70 रुपये लिया जा रहा है।इसका साक्ष्य के रूप वीडियो भी बनाया गया है।
जिसमें साफ तौर पर रिश्वत लेते हुए होते हुए नोक झोंक होते दिखाई दे रहा है। यह घोर अन्याय है। इतना ही नहीं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में भी रिश्वत लिया जाता है। नवनियुक्त सेविका द्वारा रिश्वत लेकर काम करने के कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है। डीएम से आवेदन के माध्यम मांग की गई है कि नवनियुक्त सेविका मंशा देवी से सभी लाभार्थी के लिए गए रुपये वापस कराया जाए और मामले की जांच करते हुए उचित कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की रुपए लेने का मामला सामने नहीं आए।
वही सेविका द्वारा रिश्वत लेने का वीडियो भी वायरल हो गया है।इस संबन्ध में सेविका मंशा देवी के मोबाईल नंबर पर संपर्क किया गया तो सहायिका द्वारा फोन उठाया गया और सेविका का पक्ष नहीं मिल सका।
वही इस संबंध में सीडीपीओ अंजू कुमारी ने बताया कि मुझे इस मामले की जानकारी वार्ड सदस्य द्वारा फोन के माध्यम से मिली है। किसी प्रकार कोई आवेदन नहीं मिला है। सेविका द्वारा दुकानदार(ऑपरेटर) द्वारा डीबीटी का काम कराने को 70 रुपये लेने की बात बताई गई है। लेकिन फिर भी लिखित रूप से उस सेविका से स्पष्टीकरण पूछा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जायेगी।

