रामपुर/कैमूर। रामपुर प्रखंड के पछेहरा गांव के पूरब में कुछ किसानों द्वारा खेत में धान की फसल काटे जाने के बाद उसके अवशेष को गुरुवार की दोपहर में आग लगाकर जलाया जा रहा था। इसी आग लपटे से खेत में रखे गए 2 किसानों के धान की बोझा में आग लग गई। आज इतनी भयावह लगी थी कि दोनों ही किसानों के 4 बीघे की धान की ओझा जलकर राख हो गया। घटना के बाद खेत में लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े।
लोगों की काफी भीड़ जुट गई। जैसे ही थे लोग उसी प्रकार दौड़ आग बुझाने के दौड़ पड़े और आग बुझाने लगें। सूचना पर स्थानीय थाने की पुलिस अग्निशमन दमकल गाड़ी से आग बुझाने का प्रयास किया गया लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया था। यह घटना पछेहरा गांव के गंगा बिद एवं उनके दामाद कुदरा थाना क्षेत्र के चिलबिली गांव के अजय बिंद के साथ हुई है।
इन दोनों ही किसानों की 2-2 बीघे की धान की बुझा अगलगी में जल गई है। बताया जाता है कि इस घटना में दोनों किसानों के लगभग एक लाख की क्षति होना बतायी जा रही है। गंगा बिंद की बहन अलीयारी देवी,गांव के संदीप कुमार ने बताया जाता है कि पछेहरा गांव के पूरब में बहेरी गांव के कुछ किसानों द्वारा अपने खेतों में धान की फसल काटे जाने के बाद उसके अवशेष को दोपहर में आग लगाकर जलाया जा रहा था।
जिसके लिए उन्हें मना भी किया गया था कि आग नहीं लगाए और वह नहीं माने। फसल अवशेष जलाने के लिए खेतो में आग लगा दिया गया और हवा की वजह से आग की लपटों ने धान की बोझा में पकड़ लिया। जिसके बाद आग ने भयानक रूप पकड़ लिया।धू धूकर कर धान का बोझा जलने लगा। उनके खेत के लाठ के पास रखे गए 4 बीघे का धान का बोझा जलकर राख हो गया है।
घटना की सूचना पर पहुँची दमकल की गाड़ी भी धान की बोझे को नहीं बचा पायी है। दमकल गाड़ी पहुचने के बाद आग को बुझाया गया।लेकिन तब तक कुछ बोझा को छोड़ कर सब जल गया था। किसानो ने मुआवजे की मांग की है।
