गैस एजेंसी के संचालक ने कर्ज से परेशान होकर खुद ही रचा था अपहरण का साजिश, 12 दिनों में पुलिस ने ऐसे किया खुलासा


भभुआ/कैमूर( बंटी जायसवाल)।
कैमूर पुलिस ने कर्ज में लदे गैस एजेंसी संचालक द्वारा खुद का ही किये गए अपहरण के साजिश का खुलासा किया है। इसका खुलासा वाराणसी से गैस एजेंसी संचालक को उसके रिश्तेदार के पास बरामद करने के बाद शुक्रवार को कैमूर एसपी राकेश कुमार अपने कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्ता कर किया गया है। 

एसपी ने बताया कि 14 जनवरी को मोहनिया थाना अंतर्गत बरहुली गांव के पास से भारत गैस एजेंसी के संचालक का अपहरण होने का मामला प्रकाश में आया था। वहीं जिसका अपहरण हुआ था। वह रोहतास जिले के कथराई गांव निवासी धर्मेंद्र प्रताप है। 


जो भारत गैस एजेंसी के संचालक भी हैं। पति अपहरण के मामले को लेकर पत्नी द्वारा मोहनिया थाने में 15 जनवरी को आवेदन देकर मामला दर्ज कराया गया था। जिसका पुलिस ने 15 जनवरी को कांड संख्या दर्ज करते हुए अनुसंधान में जुट गई। जिसमें डीआईयू की टीम को भी शामिल किया गया।


गठित टीम के द्वारा सभी बिंदुओं पर अनुसंधान किया गया एवं इस क्रम में अपहृत के गांव कथराई एवं इनके परिजन मित्र जो डेहरी में निवास करते थे। उनसे भी संपर्क किया गया। इसी क्रम में 27 जनवरी को अनुसंधान के क्रम में सूचना के आधार पर पुलिस बल की टीम द्वारा यूपी के वाराणसी से अपहृत गैस एजेंसी संचालक को उनके संबंधी के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया।
 

जब पुलिस ने उससे पूछताछ किया तो संचालक ने बताया कि अत्यधिक पैसों के कर्ज के दबाव में मैं स्वयं को गायब कर अपहरण करने का नाटक कर लिया। वही मैंने अपने पत्नी एवं रिश्तेदारों को भी फोन करके बताया था कि मेरा कोई अपहरण करने के लिए पीछा कर रहा है।

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