भगवानपुर/कैमूर। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव द्वारा एक पत्र जारी कर कहा गया कि शिक्षकों को अब शराब पीने एवं बेचने वालों को चिन्हित करते हुए सूचना देना है। जिसके बाद इस आदेश को लेकर शिक्षकों में आक्रोश हो गया और शिक्षकों द्वारा इस आदेश को लेकर बहिष्कार करते हुए वापस लेने की मांग की जा रही है।
इसी के तहत रविवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू एवं कैमूर जिलाध्यक्ष संतोष कुमार प्रसाद के आवाहन पर भगवानपुर प्रखंड के अध्यक्ष रमेश प्रसाद के नेतृत्व में उस आदेश के प्रतियो को भगवानपुर मुख्यालय स्थित बीआरसी के सामने शिक्षकों द्वारा जलाई गई।
भगवानपुर प्रखंड के बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष रमेश प्रसाद ने बताया कि सरकार एवं उच्च न्यायालय के आदेश है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाना है। इसके बावजूद भी सरकार द्वारा शिक्षकों को एमडीएम बनवाने, बोरा बेचने, जनगणना, मतगणना शौचालय बनवाने, बीएलओ सहित इत्यादि कार्यों में लगाया जाता है। जिसको लेकर शिक्षकों को सरकार द्वारा शोषण किया जा रहा है।
प्रवक्ता शिव शंकर राम ने कहा कि सरकार शिक्षा को बर्बाद करना चाहती है। इसलिए शिक्षकों को अब इस तरह कार्यों में लगा कर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का काम किया जाएगा।अगर सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती है तो शिक्षकों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर शिक्षक हरिशंकर चौधरी, सुरेश कुमार रंजन, प्रदीप कुमार, दिलीप कुमार, तेज बहादुर राम, महेंद्र राम, जितेंद्र कुमार, विंध्याचली कुमारी, बिंदु कुमारी उपस्थित रही।
