दुर्गावती (कैमूर)मुबारक अली। हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता की मिशाल दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत यूपी बिहार बॉर्डर पर खजुरा पड़ाव सरैंया गांव स्थित हजरत अंजान शहीद बाबा का सालाना उर्स गुरुवार की रात शानोशौकत एवं भाई चारे के साथ धुमधाम से मनाया गया.बाबा की मजार पर हजारों की तादाद मे जायरीनों ने चादर चढ़ाकर दुआएं मांगी. रात भर शानदार जवाबी कव्वाली का लोगों ने लुफ्त उठाया.
इस अवसर पर सुबह कुरान ख्वानी सायं चादरपोशी तथा रात्री मे मशहूर कौव्वाल महताब भारती बिहार गया एवं फिरदौस जहां कौव्वाला जौनपुर के बीच शानदार मुकाबला हुआ.उन्होंने पूरी रात गजल और नातिया कलाम सहित कव्वालियों का शानदार प्रोग्राम पेश किया गया.कौव्वाली सुरू होने से पुर्व सरैया गांव स्थित मस्जिद के पास से साम चार बजे से जुलूस के साथ बाबा का चादर उठा.तथा खजुरा बाजार नौबतपुर होते हुए मजार पर आकर चादरपोशी की गई.
चादरपोशी के दौरान यूपी बिहार के काफी संख्या मे हिन्दू मुस्लिम बंधुओ ने ज्यारत कर मुल्क की तरक्की व अमन चैन के लिए दुआ ख्वानी की. इस दौरान सुबह से ही दरगाह शरीफ पर जायरीनों का ताता जियारत के लिए लगा रहा इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू-भाई बहनों ने भी मजार पर प्रसाद और चादर चढ़ाई उर्स के मौके पर मजार को बड़े दिलकश अंदाज में सजाया गया था आकर्षक पंडाल तथा रंग-बिरंगे झूमर और लाइटिंग उर्स की भव्यता के चार चांद लगा रहे थे.
उर्स मौके पर परंपरागत महिला व पुरुष कव्वाली मुकाबला का शानदार आयोजन किया गया.उर्स समारोह के मुख्य अतिथि रामगढ़ विधायक सुधारक सिंह ने फीता काटकर कव्वाली समारोह का उद्घाटन किया. विशिष्ट अतिथि में मोहनियां डीसीएलआर राजेश सिंह,जिला परिषद चेयरमैन पति बंटी सिंह,खजुरा पंचायत मुखिया संजय मल्होत्रा आदि मौजूद थे.रस्म के मुताबिक उर्स कमेटी पदाधिकारीयों ने सभी अतिथियों का स्वागत पगड़ी बाधकर और माला पहनाकर किया.
इस दौरान रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि उर्स के मौके पर यहां यूपी-बिहार के आए हुए हजारों श्रद्धालुओं को मेरी शुभकामनाएं हैं.कहा कि समाज को एकजुटता व भाईचारा स्थापित करने के लिए ऐसे आयोजनों से हम सबको सीख लेना चाहिए समाज को एक नई दिशा प्रदान होगी.बहुत खुश नसीब वाले होते हैं जो उर्स के मौके पर पहुंच कर दुआएं हासिल करते हैं और बुजुर्गों को याद करते हैं.
उन्होंने कहां की कव्वाली गंगा-जमुनी तहजीब को बढ़ाता है मजार हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है तत्पश्चात बिहार से आए हुए मशहूर कव्वाल महताब भारती व कव्वाला फिरदौस जहां युपी जौनपुर के बीच कड़ा मुकाबला शुरू हुआ उसमें उर्स में कव्वाल पार्टियों ने एक से बढ़कर एक कलाम प्रस्तुत किए फिरदौस जहां कव्वाला जौनपुर ने पढ़ा फात्मा के दुलारो की क्या शान है और शहीदों का उम्मत पर एहसान है, परचमेहक जमाने मे ऊँचा किया,सर कटाया मगर सर नही झुकाया,आप ही दोनो आलम के सुल्तान है,आपही सारी नवियो के जीशान है.
वहीं महताब भारती कव्वाल ने कहा मांगों दुआ वसीले से खाली न जाएगी.अरसे आजम पे प्यारे नवी के शिवा, और किसी को खुदा ने बुलाया नही.किस्मत खुल जाने तक मेरा,मौका आया है इसी लिये ख्वाजा मे हमे अजमेर बुलाया है. ऐसे प्यारे रसूल ख्वाजा पिया ये है तेरी अदा चराग बुझाने न पाए हवा के झोंकों से कोई भी मर्जी न चले उसके बगैर आदि कव्वाली प्रस्तुत कर श्रोता गण को झूमा दिया.उर्स में बड़ी तादाद में हिंदू और मुस्लिम लोगों ने शिरकत की.
वहीं तमाम दूर-दराज से आए हुए हजारों की संख्या में महिलाएं व पुरूष पूरी रात भोर पहर तक जवाबी कव्वाली का आनंद लिया.इस दौरान खजुरा पंचायत के मुखिया संजय मल्होत्रा,डुमरी मुखिया पति पिकूं सिंह,मैनुद्दीन शाह,मुमताज अली,मुबारक अली,तिलकधारी गुप्ता,इमरान खान,हनिफ खांन,अनवर अली,महेंद्र गुप्ता,राजकुमार, छठु,सिरताज अली शमशेर अली सहित हजारों की संख्या में यूपी बिहार के लोग मौजूद रहे.
