रामपुर प्रखंड के करमचट पुलिस ने मगध विश्वविद्यालय पुलिस के लड़की अपहरण वाले केस में गुरुवार को सबार गांव से अपहृत युवती को सकुशल बरामद किया है। जिसके बाद गया के मगध यूनिवर्सिटी थाना को सूचना दे दिया गया है। जिसके बाद गया पुलिस बरामद अपहृत युवती को वहां कोर्ट में ले जा 164 का बयान दर्ज कराया जायेगा। इसकी जानकारी करमचट थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह उर्फ सिंघम ने दी।
उन्होंने बताया कि मगध विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में 19 दिसंबर को तुरी कला गांव के उपेंद्र कुमार यादव द्वारा अज्ञात युवक के खिलाफ बेटी के अपहरण होने का मामला दर्ज कराया गया था। आवेदन के माध्यम से बताया गया है की मेरी 18 वर्षीय बेटी प्रत्येक सप्ताह में 2 दिन शुक्रवार और शनिवार को अपने घर से 10 बजे एक क्लीनिक में काम करने के लिए जाती थी।
19 दिसंबर को बेटी घर से ऑफिस के लिए निकली थी। लेकिन निर्धारित समय पर वापस घर नहीं आ पाई तो हम लोग ने उसके निजी मोबाइल नंबर पर कॉल किए तो मोबाइल उसका बंद आ रहा था जब हम लोग ऑफिस गए तो पता चला कि हमारी बेटी पहुंची नहीं थी। काफी खोजबीन किया गया।लेकिन कोई पता नहीं चला तो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
जिसके बाद बोध गया पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान पर सबार गांव लोकेशन पता चला तो कैमूर के करमचट थाना पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एसआई सविता कुमारी और पुलिस टीम द्वारा सबार गांव में बबन कहार के पुत्र राजाराम कहार के घर पर छापेमारी कर अपहृत युवती को सकुशल बरामद कर लिया।
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि अपहृत लड़की से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि राजाराम वहां पर नल जल योजना का काम करने गया था इसी दौरान दोनो में प्यार हुआ और वह घर से भाग कर शादी कर ली। वह अपने प्रेमी के साथ उसके घर आ गई। 34 दिनों बाद पुलिस ने अपहृत युवती को बरामद कर मगध विश्वविद्यालय पुलिस को सौपेंगी। हालांकि आरोपी युवक अभी फरार है।
