कैमूर में रामपुर प्रखंड प्रमुख ने प्रभारी सीओ पर लगाए गंभीर आरोप, जाड़े में बांटने वाले कंबल, गर्मी आते ही बेच दिया

रामपुर अंचल में भ्रष्टाचार को लेकर बिफरे प्रखंड प्रमुख, खोल दी पोल 
 
बिना बिचौलियों के लोगो का नहीं हो रहा है काम

#मोटेशन और परिमारजन के लिए वसूले जा रहे है मोटी रकम

रामपुर/कैमूर। रामपुर प्रखंड अंचल में व्याप्त भ्रष्टाचार और जाड़े के दिनों बांटे जाने वाले कंबल को गर्मी में बांटे जाने की सूचना, जनप्रतिनिधियों को जानकारी नहीं देने को लेकर रामपुर प्रखंड प्रमुख घुरा सिंह यादव गुरुवार को बिफर गए और अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिया। इस दौरान उन्होंने सीओ और प्रभारी सीओ सह राजस्व पदाधिकारी वागीशा सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीओ लवली कुमारी द्वारा एक महीने पहले कंबल बांटे गए थे। फिर एक माह से कंबल लाकर रखा गया था। लेकिन नहीं बांटा गया। 

पता चला कि जाड़े के दिनों में बाटी जाने वाले कंबल को गर्मी के दिनों में बांटने के लिए प्रभारी सीओ अपनी गाड़ी से कंबल लेकर कही जा रही थी। लेकिन इसके बारे में प्रखंड प्रमुख या किसी भी जनप्रतिनिधियों को जानकारी नहीं दिया गया है। कंबल बांटने के बदले वह बेचने के लिए सासाराम जा रही होगी। उन्होंने आरोप में कहा कि जाड़े के दिनों में कही भी अलाव नहीं जलाया गया। अब गर्मी के दिनों में कंबल बांटने का क्या फायदा। इन कंबल को अपने कुछ चहेते को बांट कर फोटो खींच कर विभाग को भेजकर खानापूर्ति कर दी जाएगी।

बिना पैसे के कोई काम नहीं 
 प्रमुख ने कहा कि जब से सीओ छुट्टी पर गई है। प्रभारी सीईओ के रूप में राजस्व पदाधिकारी वागीशा सिंह को प्रभार मिला है। तब से अंचल में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। बिना कर्मचारी, दलालों और बिचौलियों के पैसे दिए कोई भी काम नहीं हो पा रहा है। मोटेशन और परिमार्जन कराने के बदले लोगों से मोटी रकम वसूली जाती है। जब प्रतिनिधियों द्वारा ले जाया जाता है तो खारिज कर दिया जाता है। इसमें त्रुटि है। जबकि बिचौलियों दलालों को मोटी रकम देने पर 10 से 12 घंटे में ही काम हो जाता है।

अधिकारियों के काम से दुखी है प्रखंड प्रमुख

रामपुर प्रखंड प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान दुखी मन से कहा कि रामपुर अंचल में किसी भी जनप्रतिनिधियो कि कोई बात नहीं सुनी जा रही है और ना ही उन्हें किसी भी प्रकार की सूचना दी जाती है। यहां तक की जाति निवास आय दाखिल खारिज परिमार्जन को भी समय से निष्पादित नहीं किया जा रहा है। बल्कि ये सभी काम पेंडिंग में है। जानकारी मांगने पर भी प्रभारी सीओ द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जाती है । जब उनसे लिखित आवेदन के माध्यम से जानकारी मांगी गई तो भी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जब सीओ आयेगी तो उनसे ही जानकारी लीजिएगा।

समय से कार्यों का निष्पादन नहीं हो रहा
 प्रखंड प्रमुख ने कहा कि जिन बच्चों या छात्रों का कहीं जॉब लग जा रहा है और उन्हें तत्काल के लिए जाति निवास या अन्य कोई कागजात बनवाने की जरूरत पड़ती है तो आवेदन करने के बावजूद भी समय से निष्पादन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके भाई का पश्चिम बंगाल में रेलवे में जॉब लगने वाला था। लेकिन आवेदन बावजूद भी कागजात को निर्गत नहीं किया गया। जब मैंने कहा तो भी 4 दिन लगा दिया गया और जिस दिन उसे ज्वानिंग करने जाना था।

बिचौलिए से है अधिकारियों की मिलीभगत
 उस दिन कागजात पर साइन किया गया। जबकि एसडीएम और डीएम साहब तुरंत कागजात को ले जाने के बाद अप्रूव कर दिए ऐसे में यहां व्याप्त भ्रष्टाचार और बिचौलियों और कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलिभगत से आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही और कर्तव्यहीनता से मैं काफी दुखी हूं। 

प्रभारी सीओ को हटाने की मांग की
रामपुर प्रखंड के पंचायत के जनप्रतिनिधियों को अंचल से किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी जाती है। उन्होंने डीएम से मांग किया है कि रामपुर अंचल में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की जाए और ऐसे पदाधिकारी हैं जो अपने कर्तव्य के प्रति सजग नहीं दिख रहे हैं और प्रभारी सीओ एवं राजस्व पदाधिकारी को तो यहां से हटाने की भी मांग कर दिया है। ताकि यहां पर अच्छे से आम जनता की काम समय से हो सकें।

फोन रिसीव नहीं हुआ
इस मामले में प्रभारी सीओ का पक्ष जानने के लिए उनके सरकारी नंबर पर कॉल किया गया तो फोन रिसीव नहीं किया गया। जिसकी वजह से उनका पक्ष नहीं मिल पाया।

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